मेरी कहानी

मेरा कहानी : सभी कहते हैं की मैने अपनी पोती की जिंदगी बर्बाद कर दी. लेकिन मैं ख़ुश हूं

तर्कसंगत

June 16, 2017

SHARES

सभी कहते हैं की मैने अपनी पोती की जिंदगी बर्बाद कर दी. मैं उनसे कहता हूं की उसकी जिंदगी बर्बाद कर के मै बहुत खुश हूं. हमारे अंदर इतनी हिम्मत होनी चाहिए की जिस बात से हमें परेशानी हो उसे हम दूर कर सकें, खत्म कर सकें और जरुरत पड़ी तो जड़ से मिटा सकें.

पिछले 6 महीने से मेरा बेटा और मेरी बहू मुझसे मिलने नहीं आये और न ही मुझसे बात की. अगर सभी मुझे अपराधी समझते हैं तो समझे मैं उन्हे गलत साबित करने में खुद का वक्त जाया नहीं करना चाहता हूं.

जब भी मैं काम पर जाता हूं तो लोग मेरे पीठ पीछे बातें करते हैं, लेकिन किसी में इतनी हिम्मत नहीं कि मेरे सामने आकर मुझसे पुछे की मै किस पीड़ा से गुजर रहा हूं. लेकिन मुझे इस बात की परवाह नहीं. मेरी मीता को चुड़ियां बहुत पसंद है. मीता मेरी इकलौती पोती है. जब वो छोटी थी तो मैं उसके लिए मेले से चुड़ियां खरीद कर लाता था. मैने कई महीने तक एक वक्त की रोटी खा कर पैसे बचाये और उन पैसों से उसके लिए सुंदर सी चुड़ियां ली तब उसकी उम्र महज दस साल थी. अक्सर मैं मीता के बालों मे तेल लगाता और बाल भा काट दिया करता था.

मैं उसको अपने साथ काम पर ले जाता और वो पेड़ की छांव में पढ़ा करती थी लेकिन मैं दूर से भी उसका ध्यान रखता था. उसे छुपन छुपाई खेलना बहुत पसंद था और हमेशा छुपने से पहले वो मुझसे आकर पुछती मैं कहां छिपुं. मैं हमेशा उसे आगाह किया करता था कि छिपने की जगह किसी को नहीं बताना और वो कहती थी कि मैं सिर्फ आपको बताती हूं किसी और को नहीं.

मैने उसे कभी किसी छोटी सी चीज के लिए भी रोने नहीं दिया. और वो कहते हैं कि मैने उसकी जिंदगी खराब कर दी. वो जल्लाद उसे हर दीन प्रताड़ित किया करता था. अब वो चुड़ियां कभी नहीं पहन सकती थी, उसके खाली हाथ देखकर मैं उससे पूछता था कि ऐसा क्यों है तो वो डरी सहमी अपने जले हुए हाथ छिपा लेती थी.

उसका पति उसे बिना वजह पिटता था. मुझे उससे मिलने के लिए मना किया जाता था लेकिन मैं चोरी छिपे रोज मीता से मिलने चला जाता था. लेकिन डर कर उसने भी मुझे वहां आने के लिए मना कर दिया.

20 साल तक मैं उसके चेहरे पर एक मुस्कान देखने के लिए जदोजहद करता रहा, आखिर मैं कैसे उसे नर्क की आग में झुलसता हुआ छोड़ सकता था जहां वो अपनी अपमानजनक शादी को बचाने के लिए हर रोज तिल तिल मर रही थी. लेकिन सभी अंधे बन कर बैठे थे यहां तक की उसके मां बाप भी.

उनका कहना था कि हमारी बेटी को धैर्य से काम लेना चाहिए. मै उसके पति के पैर में गिर पड़ा और अपनी पोती को हॉस्पीटल ले जाने के लिए गिड़गिड़ाया लेकिन उसने मुझे घसीटकर अपने घर से बाहर फेंक दिया. मै ये जिल्लत बार बार सहता रहा ताकि मुझे एक बार अपनी पोती से मिलने का मौका मिल जाए.

जिस दिन मीता के पड़ोसी ने उसे हॉस्पीटल में भर्ती करवाया तो उन्होने चुपचाप ये खबर मुझ तक भी पहुंचा दी. मैं जब वहां पहुंचा तो मैने देखा की मेरी पोती खून की उल्टीयां कर रही थी और वो ठीक से कुछ सुन भी नहीं पा रही थी. तीन दिनों के बाद जब उसे होश आया तो उसने कहा की दादा मुझे किसी ऐसी जगह ले चलो जहां कोई गम और दर्द न हो मै वहां छिपना चाहती हूं.

लेकिन मैने उसे इस बार छिपने नहीं दिया. मैने उसके पति को पुलिस के हवाले कर दिया. वो अपनी खुशी से अपने पति से अलग हो गयी. वो अब मेरे साथ मेरे घर में रहती है. मैने उसे एक सिलाई मशीन खरीद कर दी है. अब मैं किसी को उसकी जिंदगी से खेलने नही दुंगा. मेरी मीता फिर से खुशहाल जिंदगी जियेगी. वो फिर से सपनो की उड़ान भरेगी और खुद से प्यार करेगी. मैं उसके लिए ढेर सारी चुड़ियां लाऊंगा. मेरी आखिरी सांस तक अब उसे किसी के डर से छिपना नहीं होगा.

Story By – GMB Akash

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...