मेरी कहानी

मेरी कहानी: मैं उपरवाले का शुक्रगुजार हूं जिनकी वजह से मुझे मेरे परिवार के रुप में स्वर्ग मिला.

तर्कसंगत

July 13, 2017

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मेरी पत्नी ने एक लड़के को जन्म दिया जो बिल्कुल उसी की तरह दिखता था. इसी वजह से रोशोना कि ये शिकायत हमेशा रही कि उसे ऐसा बच्चा चाहिए जो मेरी तरह दिखे. कुछ यूं ही हमारे घर 3 बेटियां भी हो गई. मेरे चारों बच्चे मेरी पत्नी की तरह ही दिखते हैं.

मैं अपनी पत्नी को कभी भी दुखी नहीं देख सकता था. मैं एक गरीब किसान हूं इसलिए मैं उसकी बड़ी ख्वाहिशें तो कभी पूरी नहीं कर सकता लेकिन छोटी छोटी खुशियां देने की कोशिश जरुर करता हूं. मैंने उसे खुद की जिंदगी से ज्यादा प्यार करता है. मुझे लगता था कि समय के साथ मेरी ये चाहत कम हो जाएगी लेकिन जैसे जैसे वक्त आगे निकल रहा मैं उसके और करीब आ रहा हूं और ज्यादा प्यार करने लगा.

कुछ दिनों पहले मेरी छोटी बेटी के साथ मिलकर वो मेरे लिए बाल में लगाने वाला तेल लेकर आई. ये मुझे गंजा होने से बचाने के लिए है जो वो मुझे हर रात सोने से पहले लगाती है. मैं उससे पूछता था कि जहां बाल है ही नहीं वहां तेल लगाने की क्या जरूरत है तो गुस्से से डांटकर मुझसे कहती तुम नहीं समझोगे. कहीं न कहीं ये बात भी सही है की अपनी जिंदगी में ऐसी कई बातें हैं जिन्हे मैं आजतक नहीं समझ पाया और वो बखूबी समझती है.

बाल में लगाने वाले तेल के साथ मेरी बेटी ने ये चश्मा भी मेरे लिए भेजा. बाजार जाने से पहले मेरी पत्नी मेरे लिए एक झोला और धूप वाला चश्मा लेकर आई. पिछले महीने काफी धुप थी. लेकिन आज काफी बारिश हुई फिर भी वो मेरे लिए धूप वाला चश्मा लेकर आई. मैने थोड़ा झिझक कर अपनी पत्नी से कही की ये मुझे बारिश की बूंदों से बचाएगा. उसने मुस्कुरा कर कहा की तुम्हे रोज इस चश्मे को पहनना चाहिए.

मैने अपनी पूरी जिंदगी खेत खलिहान में बिता दी. अब मुझे चश्मा पहनकर हर जगह घूमना अच्छा लगता है. इस बात का दुख है कि अब मैं 70 का हो गया हूं और शायद जल्दी ही मर जाउंगा. लेकिन मैं उपरवाले का शुक्रगुजार हूं जिनकी वजह से मुझे मेरे परिवार के रुप में स्वर्ग मिला.

GMB AKASH

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