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गरीब राष्ट्रपति की अमर कहानी

तर्कसंगत

July 18, 2017

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भारत में जल्द ही नये राष्ट्रपति के नाम की घोषणा होने वाली है लेकिन क्या आप जानते है कि दुनिया में ऐसे भी राष्ट्रपति हैं जो खेती करते हैं जिन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में मिलने वाली सैलरी को दान किया और देश को नई ऊंचाइयों पर ले गए और आज भी फूलों की खेती में होने वाले मुनाफे को दान करते हैं।

साउथ अमेरिकन देश उरुग्वे की जब भी बात होती है तो यहां के पूर्व राष्ट्रपति जोस मुजिका का नाम सबसे पहले याद आता है। उन्होंने राष्ट्रपति रहते हुए उन तमाम सुविधाओं को ठोकर मार दी, जो बतौर उरुग्वे के राष्ट्रपति उन्हें मिले थे। अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति भवन की जगह अपनी पत्नी के साथ वो महज दो कमरे के मकान में रहे। इतना ही नहीं वह करीब 12 हजार डॉलर की तनख्वाह का 90 फीसदी गरीबों में बांट दिया करते थे। इसलिए, खर्चा चलाने के लिए पत्नी के साथ मिलकर फूलों की खेती करते हैं। वह ट्रैक्टर भी खुद ही चलाते हैं। 2015 के मार्च महीने में उन्होंने ये कहते हुए राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया कि उन्हें अपने तीन पैर वाले दोस्त मैनुअल और चार पैर की बीटल के साथ बिताने के लिए समय की जरूरत है। मैनुअल उनका पालतू कुत्ता और बीटल गाड़ी है। मुजिका ने अपने पांच साल के कार्यकाल में देश को तो अमीर बना दिया लेकिन खुद ‘कंगाल’ बने रहें।

जोस कहते हैं, ‘मैं सबसे गरीब राष्ट्रपति कहलाता हूं, लेकिन मैं समझता हूं कि मैं गरीब नहीं हूं। गरीब तो वे होते हैं जो अपना पूरा जीवन खर्चीली जीवनशैली के लिए काम करने में बिता देते हैं और अधिक से अधिक कमाने की इच्छा रखते हैं। पूरा मामला आजादी का है। अगर आपकी बहुत ज्यादा जरूरतें नहीं है, तो कोई मतलब नहीं है कि जीवन भर काम ही करते रहें अगर आपके अंदर इस तरह की भूख नहीं होगी तो आपके पास वक्त ही वक्त होता है.”

जोस ‘क्यूबा क्रांति’ से निकले हुए नेता हैं और 2009 में उरुग्वे के राष्ट्रपति चुने गए। 1960 और 1970 में वह उरुग्वे में गुरिल्ला संघर्ष के सबसे बड़े नेता भी रहे। उन्होंने अपने सीने पर छह बार गोलियां खाई हैं। 14 साल जेल में रहने के बाद जोस को 1985 में तब जेल से रिहा किया गया जब देश में लोकतंत्र की वापसी हुई।

मुजिका आम लोगों की तरह खुद कुएं से पानी भरते हैं और अपने कपड़े भी धोते हैं। मुजिका पत्नी के साथ मिलकर फूलों की खेती करते हैं ताकि कुछ ऊपरी आमदनी हो सके। खेती के लिए ट्रैक्टर भी वे खुद ही चलाते हैं। ट्रैक्टर खराब हो जाए, तो खुद ही मैकेनिक की तरह ठीक भी करते हैं। मुजिका कोई नौकर-चाकर भी नहीं रखते। अपनी पुरानी फॉक्सवैगन बीटल को खुद ड्राइव कर ऑफिस जाते थे। ऑफिस जाते समय वह कोट-पैंट पहनते थे, लेकिन घर पर बेहद सामान्य कपड़ों में रहते थे।

उरुग्वे के पूर्व राष्ट्रपति मुजिका को दुनिया का सबसे गरीब राष्ट्रपति माना जाता है क्योंकि उन्होंने हमेशा फकीरों जैसा जीवन जिया। जोस अपने कार्यकाल में भी राष्ट्रपति भवन के बजाय अपने दो कमरे के मकान में रहते थे और सुरक्षा के नाम पर बस दो पुलिसकर्मियों की सेवाएं लेते थे।

जोस कहते हैं, ‘मुमकिन है मैं पागल और सनकी दिखता हूं लेकिन ये तो अपने-अपने ख्याल हैं।’ वह अपनी तनख्वाह का 90 फीसद दान करते रहे. इस बारे में वह कहते हैं कि मेरे पास जो भी है मैं उसमें जीवन गुजार सकता हूं।

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