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रेस्त्रां जहां इशारे बोलते हैं

तर्कसंगत

July 19, 2017

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एक समझदार व्यक्ति के लिए इशारा ही काफी होता है इस कहावत को चरितार्थ करना चाहते हैं तो आप जयपुर के इस रेस्त्रां में जायें जहां वेटर ना बोल सकते हैं और ना सुन सकते हैं. लेकिन वो कभी आपको शिकायत का मौका नहीं देते. इस रेस्त्रां के वेटर खामोश रहते हैं, लेकिन उनका काम बोलता है. उनकी अदाएं बातें करती हैं. उनकी आंखों में होती है, कस्टमर्स की हर पसंद को समझने की ताकत.

जयपुर के लक्ष्मी मंदिर सिनेमा के सामने विट्ठल्स किचन रेस्त्रां अपने आप में अनूठा है. यहां काम करने वाले युवा वेटर न तो बोल सकते हैं और न ही सुन सकते हैं. लेकिन इन सभी ने अपनी लगन से पढ़ाई की और कोई ग्रेजुएट है तो किसी ने मास्टर्स डिग्री ले रखी है. इसके बाद ये यहां लोगों को अच्छा भोजन परोस कर खुशियां बटोर रहे हैं. खाने में मिर्च और नमक की मात्रा से लेकर जायके से जुड़ी तमाम बातें ये इशारों इशारों में ही समझ लेते हैं.

आपकी सहूलियत और अदब का ये इतना ख्याल रखते हैं कि गेट पर दस्तक देने के साथ ही आवभगत शुरू कर देते हैं. बड़े अदब के साथ झुकते हुए इशारों में नमस्कार, करते हैं. अगर कोई बच्चा साथ में है तो उसकी अंगुली पकड़कर टेबल तक ले जाते हैं और बैठते ही पानी और फिर आॅर्डर के लिए डायरी लेकर खड़े हो जाते हैं.

इस रेस्त्रां के मालिक आशिष ने इन सभी हुनरमंद युवाओँ को एक साथ लाने का काम किया है. उनका कहना है की दिव्यांगों की सम्मान के साथ जीने की लालसा से उन्हें प्रेरणा मिलती है. यहां हर दिन युवा कुछ सीखते हैं और कारवां बढ़ता ही जा रहा है.

रेस्तरां में काम के साथ ही युवा खुद को एक प्रोफेशनल के तौर पूर दूसरे क्षेत्रों में भी आजमा रहे हैं. वो दिन में काम करते हैं और रात में पढ़ाई. जयपुर का ये रेस्त्रां उन सभी के लिए एक मिसाल बन गया है, जो हर चुनौती को मात देने का माद्दा रखते हैं.

ये एक जज्बा है, अपनी जिंदगी को सम्मान के साथ जीने का. ये एक जुनून है, जिसकी बदौलत इन लोगों ने जयपुर के इस रेस्त्रां को मशहूर कर दिया है.

तर्कसंगत इनके जज्बे और हुनर को सलाम करता है.

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