ख़बरें

जेएनयू कैंपस : टैंक से जागेगी देशभक्ति की भावना-वीसी, छात्रों और शिक्षकों का विरोध

तर्कसंगत

July 25, 2017

SHARES

या टैंक से देशभक्ति की भावना दिलों में जाग सकती है? दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में करगिल विजय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के मंच से जेएनयू के वीसी जगदीश कुमार ने उठा दी एक ऐसी मांग जो बहस का सबब बन गई. वीसी साहब ने छात्रों को जवानों का बलिदान याद दिलाने के लिए यूनिवर्सिटी कैंपस में एक टैंक रखने का सुझाव दे दिया.

जेएनयू में रविवार को पहली बार करगिल विजय दिवस समारोह का आयोजन किया गया था और तिरंगा मार्च भी निकाला गयाइस मार्च का आयोजन यूनिवर्सिटी प्रशासन और वेटरंस इंडिया ने मिलकर किया था. इस मार्च में दो केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, जनरल वी के सिंह के अलावा वेटरंस इंडिया के मेंटर मेजर जनरल जीडी बख़्शी और क्रिकेटर गौतम गंभीर समेत 23 शहीदों के परिजन भी शामिल हुए. इस मौके पर, कारगिल में शहीद हुए सैनिकों के परिवार की महिला सदस्यों को सम्मानित किया गया. जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार ने कार्यक्रम कोऐतिहासिककरार दिया और कहा कि यह थलसेना और देश के अन्य सुरक्षा बलों के बलिदान को याद करने के लिए एक अहम दिन था.

क्या छात्रों को बलिदान याद दिलाना पड़ेगाक्या टैंक देखकर देशभक्ति की भावना जगेगी ? ये और ना जाने ऐसे कितने सवाल जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार के बयान के बाद खड़े हो गए हैं. इस कार्यक्रम में शामिल हुए रिटायर्ड फौजी अधिकारी भी वीसी की मांग से सहमत नजर आए. वीसी साहब की इस मांग पर सियासी बयानबाजी शुरु हो गई. कांग्रेस ने वीसी जगदीश कुमार के बहाने बीजेपी को निशाने पर लिया. विवाद बढ़ा तो वीसी जगदीश कुमार दोबारा मीडिया से मुखातिब हुए और उन्होंने अपनी दलीलें रखते हुए मांग को सही ठहराया.

जगदीश कुमार द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में टैंक लगाने की मांग का छात्रों और शिक्षकों ने समान रूप से विरोध किया है. उनका कहना है कि एक संस्थान को युद्ध के रंगमंच में नहीं बदला जा सकता है.जेएनयूटीए अध्यक्ष आइशा किदवई ने कहा, “जेएनयू शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) कुलपति द्वारा जेएनयू परिसर में टैंक लगाने की मांग से अचंभित है. यह आश्चर्यजनक है कि प्रोफेसर जगदीश कुमार युद्ध के समान को कैंपस में लगाकर देशभक्ति की भावना प्रेरित कर सकते हैं.” उन्होंने कहा, “जेएनयू समुदाय को अपने देश के प्रति प्रेम और सहानुभूति के लिए इस तरह की चीजों की जरूरत नहीं है.”

जेएनयू छात्र संघ की जनरल सेक्रेटरी सतरूपा चक्रबर्ती ने भी बयान पर विरोध जताते हुए कहा कि एक शैक्षणिक संस्थान की प्राथमिक जरूरत अच्छी शैक्षणिक व्यवस्था, वादविवाद और चर्चा के लिए बौद्धिक माहौल और बुनियादी सुविधाएं होती हैं. युद्ध का सामान लगाकर राष्ट्रवाद नहीं पैदा किया जा सकता है.

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...