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श्रद्धांजलि: कलाम को सलाम

तर्कसंगत

July 27, 2017

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देश के 11वें राष्ट्रपति, वैज्ञानिक, शिक्षक, फिलॉसफर APJ अब्दुल कलाम की आज दूसरी पुण्यतिथि है.

दुनिया को अलविदा कहे हुए आज उन्हें 2 साल हो गए हैं. लेकिन आज भी वह लोगों के दिलों में जिंदा हैं.

यंग जनरेशन के लिए प्रेरणा कहलाने वाले अब्दुल कलाम को दुनिया ‘मिसाइल मैन’ के नाम से जानती है.

स्‍वभाव से वे इतने सरल थे कि ‘महामहिम’ के बजाय ‘मिसाइल मैन’ अथवा ‘कलाम सर’ के नाम से ही संबोधित किए जाने पर ज्‍यादा खुशी महसूस करते थे.

भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजे जाने वाले कलाम के जीवन की उपलब्धियों और सम्मान पर आइये एक नज़र डालते हैं.

मद्रास इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई की.

देश के पहले स्वदेशी उपग्रह पीएसएलवी-3 के विकास में अहम योगदान.

अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलें भारतीय तकनीक से बनाईं.

कलाम भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे.

1982 में कलाम को डीआरडीएल का डायरेक्टर बनाया गया.

अन्ना यूनिवर्सिटी ने उन्हें डॉक्टर की उपाधि से सम्मानित.

1998 में हुए पोखरण न्यूकलियर टेस्ट में अहम भूमिका.

25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक राष्ट्रपति रहे.

1981 में पद्म भूषण और 1990 में पद्म विभूषण से सम्मानित.


1994 में आर्यभट्ट पुरस्कार और 1997 में भारत रत्न से सम्मानित किए गए.

25 जुलाई 2015 को निधन.

 

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