ख़बरें

अपनी शादी में सबको बुला रहा है कश्मीर का ये जोड़ा

तर्कसंगत

September 13, 2017

SHARES

राफ़िया रहीम, द लॉजिकल इंडियन

“जब भी मेरे दोस्त मुझसे पूछते कि क्या कश्मीर यहां आने वाले लोगों के लिए वाक़ई में सुरक्षित नहीं है तो हर बार मैं यही जवाब देता कि यदि ऐसा होता तो मैं अब तक मर गया होता.”

कश्मीर घाटी के त्राल के जतिंद्र पाल सिंह और उनकी मंगेतर विपीन कौर अब अपनी शादी के ज़रिए इस सवाल का जवाब दे रहे हैं वो भी अनूठे अंदाज़ में.

जतिंद्र और विपीन ने अपनी शादी में सभी को आमंत्रित किया है. वो चाहते हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग उनकी शादी में शामिल हों और कश्मीर को देखें.

जतिंद्र ने अपने फ़ेसबुक पर पोस्ट करके सभी को अपनी शादी में आमंत्रित किया है.

अपने पोस्ट में जतिंद्र ने लिखा है कि वो न सिर्फ़ मेहमानों के रहने और खाने की व्यवस्था करेंगे बल्कि उनकी सुरक्षा का भी पूरा ख़्याल रखेंगे.

कश्मीरी सिख

Image may contain: sky, cloud, mountain, grass, outdoor and nature

जतिंद्र एक कश्मीरी सिख हैं और पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. वो कश्मीर के त्राल के एक गांव के रहने वाले हैं जो श्रीनगर से पैंतालीस किलोमीटर दूर है. वो एक स्टार्टअप के प्रोमेटर हैं और एक अंतरराष्ट्रीय सिख संस्था यूनाइटेड सिख से भी जुड़े हैं.

2014 में जब कश्मीर में बाढ़ आई थी तब जतिंद्र ने बाढ़ पीड़ितों के लिए चार लाख रुपए से अधिक का चंदा किया था. उनकी संस्था ने बाढ़ पीड़ितों के लिए क़रीब पचास लाख रुपए जुटा लिए थे.

जतिंद्र कहते हैं, “मैं एक ऐसे परिवार से हूं जिसमें सभी पेशेवर लोग हैं. प्रोफ़ेसर, टीचर, लेक्चरर हैं. मैं कश्मीर को प्यार करता हूं. मेरा दिल सिर्फ़ कश्मीर में ही है. मैंने अपना पूरा जीवन कश्मीर में ही बिताया है. मैं कश्मीरी भाषा बोलता हूं और इससे प्यार करता हूं.”

शांति के लिए अपने प्रयासों और प्रतिबद्धता की वजह से जतिेंद्र कश्मीर घाटी में काफ़ी चर्चित हैं. यहां के लोग उन्हें प्यार करते हैं.

फ़ेसबुक पर अपनी शादी का न्यौता पोस्ट करके उन्होंने न सिर्फ़ अपने दोस्तों को बुलाया है ब्लकि हर उस इंसान को बुलाया है जो आ सकता है. भले ही वो उन्हें जानता हो या ना जानता हो.

वो लोगों को कश्मीर बुलाना चाहते हैं

Image may contain: mountain, sky, cloud, outdoor and nature

फ़ारसी के महान कवि अमीर ख़ुसरो ने कश्मीर के बारे में कहा था कि यदि ज़मीन पर कहीं जन्नत है तो वो कश्मीर में हैं, कश्मीर में हैं, कश्मीर में हैं.

लेकिन बीते साल से कश्मीर में तनाव बढ़ गया है और यहां पर्यटकों का आना बेहद कम हो गया है.

जतिंद्र अब अपनी शादी में जितना ज़्यादा हो सके उतने मेहमानों को बुलाना चाहते हैं ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग आकर कश्मीर देखें.

जतिंद्र कहते हैं कि वो कश्मीर की असली तस्वीर लोगों को दिखाना चाहते हैं.

AN OPEN INVITATION!I am getting MARRIED on 1st, October, 2017. 🙂Wedding is planned at a beautiful picturesque village…

Nai-post ni JP Singh noong Sabado, Setyembre 2, 2017

वो कहते हैं, “मैं दरअसल उन सभी लोगों को कश्मीर बुलाना चाहता हूं जो कश्मीर को प्यार करते हैं. सारा ख़र्चा मैं उठाउंगा. ये एक शानदार शादी होगी.”

वो कहते हैं कि बहुत से लोग कश्मीर के सुरक्षा हालात की वजह से यहां आने से डरते हैं. लोगों की यह राय मीडिया की नकारात्मक रिपोर्टिंग की वजह से भी बनी है.

जतिंद्र कहते हैं, “मैं लोगों को ये बताना चाहता हूं कि कश्मीर में ऐसा कुछ नहीं है. कश्मीर, यहां की संस्कृति और यहां के लोग बहुत ख़ूबसूरत हैं.”

जतिंद्र ये भी बताते हैं कि कश्मीर की शादी के रीति रिवाज पंजाबी सिखों की शादियों से थोड़ा अलग होते हैं.

Image may contain: 2 people, people smiling, people standing

वो कहते हैं, “जब भी मैं लोगों से कश्मीर, ख़ासकर अपने गांव के बारे में बात करता और उन्हें अपने और अपने गांव और यहां के अलग अलग धर्मों के बारे में बताता तो वो सब कहते कि तेरी शादी पर ज़रूर आएंगे.”

क्या उनके परिजन इस फ़ैसले से ख़ुश हैं, जतिंद्र कहते हैं, “मेरी मंगेतर विपीन कौर और मैं दिल्ली में बहुत सुरक्षित शादी कर सकते थे लेकिन मैंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिस लड़की को मैं प्यार करता हूं उससे मैं ऐसी जगह शादी करना चाहता हूं जिसे मैं प्यार करता हूं. वो दिल्ली में काम कर रहीं हैं लेकिन वो भी त्राल से हैं. अब हमारे परिवार शादी में सबको बुलाने के इस फ़ैसले से बहुत ख़ुश हैं.”

कश्मीर के इस जोशीले सिख युवा का लोगों को कश्मीर के बारे में जागरुक करने का ये छोटा सा प्रयास काफ़ी पसंद किया जा रहा है.

इसे कश्मीर के लोगों के चेहरे पर मुस्कान वापस लाने के एक अनूठे प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है.

कश्मीर की घाटी से आई इस ख़ूबसूरत ख़बर ने हमारा भी दिल ख़ुश कर दिया है. तो आप जतिंद्र की शादी में जा रहे हैं ना?

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...