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आगराः दलित छात्र से अधिकारी ने करवाई मालिश

तर्कसंगत

September 15, 2017

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आगरा एक आश्रम पद्धति के सरकारी स्कूल में रह रहे एक दलित छात्र ने ज़िले के समाज कल्याण अधिकारी पर घर रखकर नौकरी करवाने और शरीर की मालिश करवाने के आरोप लगाए हैं.

दसवीं में पढ़ने वाले क़रीब चौदह वर्ष का दलित छात्र आगरा के इटौरा में स्थित आश्रम पद्धति पर आधारित सरकारी आवासीय स्कूल में रहकर पढ़ाई करता है.

छात्र का आरोप है कि स्कूल के अधिकारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारी को ख़ुश करने के लिए उसे नौकर बनाकर उनके घर भेज दिया.

छात्र ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा है कि उसके पिता पेशे से नाई हैं जिनसे उसने शरीर पर मालिश करना सीखा था.

जब वह स्कूल में पढ़ने आया तो यहां शिक्षक भी उससे मालिश करवाने लगे.

छात्र का कहना है कि स्कूल के अधिकारियों ने उसे ज़िला समाज कल्याण अधिकारी संजीव नयन मिश्र की सेवा करने के लिए उनके घर भेज दिया.

छात्र का कहना है कि मिश्र उसे ग़ाज़ियाबाद स्थित अपने निजी घर में ले गए जहां उससे वो न सिर्फ़ अपनी मालिश करवाते बल्कि अपने कुत्तों की मालिश भी करवाते.

इसके अलावा उससे घर का सारा काम भी करवाया जाता.

इस दलित छात्र का कहना है कि वह किसी तरह से अधिकारी के घर से भागकर रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां से वापस आगरा लौट सका.

स्थानीय प्रशासन ने छात्र की शिकायत लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

आगरा के उपज़िलाधिकारी केपी सिंह का कहना है कि छात्र के लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है.

इस दलित छात्र ने मीडिया से कहा कि वह पढ़ाई करने के लिए स्कूल आया था लेकिन यहां भी उसका शोषण ही किया गया.

छात्र के परिजनों ने उसे फिर से छात्रावास भेज दिया है.

लेकिन यहां गंभीर सवाल ये खड़ा होता है कि ज़िले के जिस अधिकारी पर समाज के पिछड़े और गरीब वर्ग के कल्याण की ज़िम्मेदारी है यदि वह स्वयं क़ानूनों का घोर उल्लंघन करते हुए एक नाबालिग दलित छात्र का शोषण करता है तो फिर वो ज़िले में लोगों का कल्याण कैसे कर रहा होगा?

अभी छात्र के लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं लेकिन ये इतने गंभीर है कि प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच पूरी होने तक अधिकारी को पद से हटा देना चाहिए लेकिन अभी तक इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

हम सरकार से दलित और बाल उत्पीड़ के इस मामले का संज्ञान लेने और तुरंत कार्रवाई करने की अपील करते हैं.

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