मेरी कहानी

मेरी कहानीः मैं हर दिन उसकी क़ब्र पर जाता हूं और बच्चे की तरह रोता हूं

तर्कसंगत

October 3, 2017

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मेरी बहुत कम उम्र में शादी हो गई क्योंकि मेरी मां की अंतिम इच्छा यही थी कि वो मरने से पहले मेरी शादी देख लें. मैं एक शादीशुदा जीवन जी रहा था लेकिन मुझे पता ही नहीं था कि प्यार क्या होता है. हम दोनों एक दूसरे को जानते भी नहीं थे. हमारे बीच कुछ भी कॉमन नहीं था. हम ख़ुश नहीं थे. यहां तक की हमारे चेहरों पर मुस्कान तक नहीं थी.

फिर गांव में एक शादी समारोह में मेरी मुलाक़ात रत्ना से हुई. वो एक अमीर परिवार से है. मैंने कभी सोचा नहीं था कि ऐसे अचानक भी प्यार हो सकता है. बस एक नज़र में प्यार. उसे पता नहीं था कि मैं शादीशुदा हूं और एक बेटे का बाप हूं. हम दोनों के बीच प्यार हो गया.

हम दोनों को पता था कि ये ग़लत है लेकिन तब तक हम प्यार में पड़ चुके थे. जैसे हम दोनों एक दूजे के लिए ही बने हों. मैं उसे किसी से भी ज़्यादा प्यार करता था. शायद अपनी जान से भी ज़्यादा. फिर मैंने अपनी पहली पत्नी से बात करने का फ़ैसला किया. जब उसे सबकुछ पता चला तो उसने मुझे छोड़ दिया. मैं एक बेहद जटिल परिस्थिति में था क्योंकि मैं अपने बेटे को भी प्यार करता था.

मैंने रत्ना से शादी कर ली. उसने मेरे लिए अपना घर-परिवार सब छोड़ दिया. वो मेरे साथ एक छोटे से मामूली कमरे में रहने लगी. ग़रीबी के बावजूद हम स्वर्ग जैसे सुख में थे. वो मेरे साथ बहुत ख़ुश थी क्योंकि हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे. लेकिन हम दोनों के दिल में कहीं न कहीं मेरी पहली पत्नी और बेटे को लेकर आत्मग्लानी थी.

उसके हॉयर सेकेंडरी परीक्षा पास करने से पहले ही हमारे बच्चा हो गया और अगले ही साल वो प्राइमरी स्कूल में शिक्षिका भी बन गई. हमारे ख़ुशहाल दिन बस शुरू ही हुए थे. मैंने कभी नहीं सोचा था कि अल्लाह हमारे साथ ऐसा करेगा. स्कूल से लौटते वक़्त एक दिन एक हादसे में उसकी मौत हो गई.

अपनी पत्नी के बिना अब मैं बहुत अकेला हूं. सारा दिन मैं ख़ुद को काम में व्यस्त रखने की कोशिश करता हूं. मैं जहां भी जाता हूं रत्ना की कमी महसूस होती है. हर पल बस वही दिखाई देती है. ऐसा लगता है जैसे हर जगह वो मौजूद हो. मैं नहीं जानता कि मैं कितने दिन उसके बिना जी पाउंगा. मैं हर दिन नमाज़ के बाद उसकी क़ब्र पर जाता हूं और एक बच्चे की तरह रोता हूं.

-अब्दुल रज़्ज़ाक

I got married at a very young age because of my mother's last wish before she died. I was living a married life but I…

Nai-post ni GMB Akash noong Martes, Oktubre 3, 2017

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