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दलित युवक ने हमले की झूठी कहानी गढ़ी थीः पुलिस

तर्कसंगत

October 7, 2017

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गुजरात के गांधीनगर में पुलिस का कहना है कि दलित युवक ने मूंछ रखने को लेकर ब्लेड से हमले की झूठी कहानी गढ़ी थी.

गांधीनगर के लिंबोदरा गांव के दलित किशोर दिगांत माहेरिया ने आरोप लगाया था कि ऊंची जाति के युवकों ने उस पर मूंछ रखने को लेकर हमला किया.

अब पुलिस का कहना है कि दिगांत ने झूठी कहानी गढ़ी थी.

गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र यादव ने कहा है कि दलित छात्र ने ब्लेड ख़रीदा था और अपने दो दोस्तों की मदद से घाव लगवाया था.

पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक जांच दल को भी छात्र पर हमले के सबूत नहीं मिले हैं.

पुलिस के मुताबिक घटना के दो चश्मदीदों का कहना है कि छात्र पुलिस का ध्यान 27 सितंबर को दर्ज करवाए गए मुक़दमे की ओर आकर्षित करवाना चाहता था.

दरअसल दिगांत के रिश्ते के भाई पीयूष परमार पर 25 सितंबर को कथित तौर पर मूंछ रखने को लेकर उच्च जाति के युवकों ने हमला किया था.

इस घटना के संबंध में 27 सितंबर को एफ़आईआर दर्ज की गई थी. पुलिस इस घटना की जांच अभी कर रही है.

पुलिस ने दिगांत पर हुए हमले को लेकर मुक़दमे की जांच बंद कर दी है.

पुलिस का कहना है कि नाबालिग होने की वजह से दिगांत और उसके दो दोस्तों पर कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा.

हमले की इन घटनाओं की मीडिया में रिपोर्टिंग होने के बाद गुजरात में दलित उत्पीड़न को लेकर बहस शुरू हुई थी.

सोशल मीडिया पर दलितों ने मूंछ के साथ तस्वीरें पोस्ट कर विरोध भी दर्ज करवाया था.

Source: Indian Express, NDTV

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