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रिटायर्ड फौजी ने पीएफ के पैसे से बनवाई गांव की सड़क

तर्कसंगत

October 11, 2017

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देश के जवान सीमा पर देश की रक्षा के लिए जिस तरह सदैव तत्पर रहते हैं वैसे ही समाज की भलाई के काम में भी वे आगे रहते हैं. इस बात की मिसाल हैं वाराणसी के भग्गूराम मौर्य जिन्होंने रिटायरमेंट के बाद अपने पीएफ के पैसे से अपने गांव की सड़क बनाकर एक मिसाल पेश की. वो भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र में इस काम को अंजाम दिया.

वाराणसी शहर से 20 किमी. दूर जंसा के रामेश्वर गांव की एक छोटी सी बस्ती हीरमपुर आज ये गांव पूर्व सैनिक भग्गूराम मौर्य की काम की वजह से चर्चा में है. सेना में नायक पद से रिटायर भग्गूराम मौर्य ने गांव वालों की सुविधा के लिए अपने पीएफ के चार लाख रुपए खर्च कर एक किलोमीटर सड़क बनवा डाली.

वह घर जाने के लिए गांव के ऐसे रास्ते से गुजरे, जिस पर साइकल चलाना भी मुश्किल था. इस पर उन्होंने पीएफ का पैसा लिया और घर व अपनी अन्य सुविधाओं को दरकिनार कर सड़क बनवाने में दिनरात जुट गए. सात महीने की कोशिश के बाद अब उस रास्ते से साइकल, बाइक ही नहीं बल्कि फोर व्हीलर और ट्रैक्टर भी आसानी से गुजरने लगे हैं.

हीरमपुर गांव में पहले आनेजाने के लिए कोई रास्ता नहीं था. सड़क नहीं होने की वजह से उस इलाके में कई हादसे हो जाते थे. बीमार लोगों को इलाज के लिए ले जाने में काफी तकलीफ होती थी. सेना के इस जांबाज को अपने गांव के लोगों की दिक्कतें देखी नहीं गईं. अपने पैसे से सड़क बनवाने के लिए भग्गूराम मौर्य को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.

भग्गूराम मौर्य दो बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित हो चुके हैं. पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी ने सराहनीय सेवा के लिए उन्हें पुरस्कृत किया.इसके अलावा उन्हें और कई पुरस्कार मिल चुके हैं.

नौकरी से रिटायर होने वाले किसी भी शख्स के लिए उसकी सबसे बड़ी पूंजी पीएफ का पैसा होता है. लेकिन भग्गूगाम मौर्य ने अपने गांव के लोगों को अपने परिवार से ऊपर रखा और सड़क बनवाकर गांववालों की तकलीफ दूर कर समाज के लिए एक नायाब मिसाल पेश की है। वहीं रास्ता बन जाने के बाद हीरमपुर गांव के लोग सेना के इस नायक को इलाके के नायक के तौर पर देखने लगे हैं.

लेकिन एक सवाल जिस काम के लिए एक रिटायर्ड फौजी ने अपनी सारी जमापूंजी खर्च कर दी आखिर उसे ऐसा क्यों करना पड़ा? क्या सरकार नैतिक जिम्मेदारियां निभाने में भी असक्षम है ?

PC- iamgujarat.com

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