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अलीगढ़ के एसएसपी राजेश पांडे ने जो किया उसे जानकर आप करेंगे सैल्यूट

तर्कसंगत

October 31, 2017

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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सड़क पर रहने वाली  एक बेसहारा महिला के एक के बाद एक दो बच्चे चोरी हो गए लेकिन महिला की मदद की गुहार किसी ने नहीं सुनी.

महिला अपने बच्चों के लिए तड़पती रही, राहगीरों से मदद मांगती रही. लेकिन कुछ नहीं हुआ.

किसी तरह महिला की पीड़ा ज़िले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश पांडे के कानों तक पहुंची तो वो ख़ुद उसका हाल जानने पहुंच गए.

ज़िले का सबसे बड़ा पुलिस अधिकारी जब शमशाद मार्केट में फुटपाथ पर रहने वाली मीना देवी के पास पहुंचा तो दिल झकझोर देने वाली कहानी सामने आई.

नाम- *मीना देवी* उम्र लगभग 34 वर्ष आस-पास के लोगों के सहयोग से परिवार का भरण-पोषण पति- *कन्हैया* काम-मजदूरी कई महीने स…

Posted by IPS Rajesh Pandey on Friday, 27 October 2017

मीना देवी के पति कन्हैया मज़दूरी करते थे जो कई महीनों से ग़ायब हैं.

वो फुटपाथ पर अपने दो बेटों और एक बेटी के साथ रह रहीं थीं. उनके चार महीने के बेटे विकास को कोई चोरी करके ले गया.

मां अपने बेटे के लिए तड़पती रही, लोगों से मदद की गुहार लगाती रही लेकिन कुछ नहीं हुआ. गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हुई.

करीब दो सप्ताह पहले मीना देवी की आठ साल की बेटी काजल को भी कोई रात में चुरा ले गया.

बेटी के जाने के बाद मां बदहवास हो गई. आसपास के रेहड़ीपटरी वालों से मदद की गुहार लगाती रही.

अपनी बेटी का एक फोटो भी पेड़ पर टांग दिया. सबको अपनी व्यथा सुनाती रही लेकिन कुछ नहीं हुआ.

26 अक्टूबर 2017 को फुटपाथ पर सोने वाली मीनादेवी जिसके दो बच्चे चोरी हुए थे, जिसका दुख, पीडा, गुस्सा ,समाज के प्रति मन मे…

Posted by IPS Rajesh Pandey on Sunday, 29 October 2017

राजेश पांडे बताते हैं कि मीना देवी की कहानी ने उन्हें झकझोर दिया. राजेश पांडे ने तुरंत स्थानीय पुलिस अधिकारियों को बुलाकर एफ़आईआर दर्ज करने और लड़की की तलाश शुरू करने के आदेश दिए.

पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद पुलिस बेहद सक्रिय हो गई. आसपास ऐलान करवाए गए. यही नहीं सोशल मीडिया और मीडिया में भी इस बारे में खूब लिखा गया.

पुलिस अधीक्षक के मीना देवी के पास पहुंचने और उनकी बेटी की तस्वीरें शेयर होने के 48 घंटे के भीतर ही उनकी बेटी काजल को कोई रेलवे स्टेशन पर छोड़ गया.

राजेश पांडे बताते हैं कि जब वो काजल के लौटने के बाद मीना देवी का पास पहुंचे तो वो उनसे लिपटकर रोने लगी.

पांडे सवाल करते हैं, “अगर किसी बड़े घर का कोई बच्चा गायब हो जाता है तो हमारी पूरी पुलिस व्यवस्था उसमें लग जाती है. पत्रकार हमसे सवाल पूछते हैं लेकिन इस मामले में एक मां के दो बच्चे गायब हो गए थे लेकिन किसी ने कोई परवाह नहीं की.”

वो कहते हैं, “मेरे ड्राइवर हनीफ़ ने मुझे मीना के बारे में बताया, मैं जब वहां पहुंचा तो ये देखकर हैरान था कि एक महिला के दो बच्चे ग़ायब होने के बावजूद किसी को कई परवाह नहीं थी. शायद इसलिए कि वो समाज के सबसे निचले पायदान पर रहती है.”

अलीगढ़ पुलिस फिलहाल मीना के बेटे को बरामद करने की कोशिश कर रह रही.

पांडे कहते हैं, पुलिस की ज़रा सी सक्रियता से एक मां को उसकी बेटी मिल गई. लेकिन अफ़सोस की बात ये है कि पुलिस को सक्रिय होने में थोड़ी देर लगी.

राजेश पांडे मानवीय पक्ष दिखाते हुए स्वयं पीड़ित महिला के पास पहुंचे. ये उनकी अच्छाई है लेकिन क्या राजेश पांडे की सक्रियता में स्थानीय पुलिस कर्मचारियों की अक्षमता छिप जाएगी जिन्होंने पीड़ित परिवार को कोई सुध नहीं ली?

ऐसे सवाल उठते रहेंगे लेकिन अच्छी बात ये है कि एक मां को उसकी बेटी मिल गई है और पुलिस बेटे को भी बरामद करने के प्रयास कर रही है.

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