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भोपाल गैंगरेपः ‘डॉक्टरों ने कहा था सहमति से बने संबंध’

तर्कसंगत

November 9, 2017

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देश को हिला के रख देने वाले और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाले भोपाल गैंगरेप केस में अब एक और नई चौंकाने वाली बात सामने आई है.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआत में सिर्फ़ पुलिस ने ही मामला नहीं दबाया था बल्कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि संबंध सहमित से बनाए गए हैं.

पुलिस ने पीड़ित का सरकारी अस्पताल में मेडिकल टेस्ट कराया था जिसने अपनी रिपोर्ट में कहा था रेप नहीं हुआ है बल्कि संबंध सहमति से बने हैं.

अब यह रिपोर्ट मीडिया में लीक हो गई है. जिसके बाद अब सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर भी सवाल उठ रहे हैं.

पुलिस ने पीड़ित का बाद में दोबारा मेडिकल कराया था.

31 अक्तूबर को कोचिंग से लौटते वक़्त हबीबगंज रेलवे स्टेशन के पास चार लोगों ने पीड़ित का गैंगरेप किया था.

पीड़िता के मातापिता दोनों पुलिस में हैं. गैंगरेप के बाद पीड़िता स्वयं थाने पहुंची थी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी.

अगले दिन पीड़िता और उसके परिवार को तीन थानों में टरकाया गया था.

पीड़िता के मातापिता ने स्वयं मौके पर पहुंचकर एक अभियुक्त को गिरफ़्तार किया था.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक भोपाल के सुल्तानिया अस्पताल ने मेडिकल रिपोर्ट गलत देने की बात स्वीकार कर ली है.

अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर करने पीपरे ने कहा है कि एक जूनियर रेज़िडेंट डॉक्टर ने पहले ग़लत रिपोर्ट तैयार कर दी थी.

पीपरे के मुताबिक बाद में भूल सुधार करते हुए सही रिपोर्ट जारी की गई थी.

अब इस मामले में अस्पताल को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि इतनी बड़ी ग़लती कैसे हुई.

बलात्कार के मामले में मेडिकल रिपोर्ट बेहद अहम होती है. पुलिस इसी के आधार पर बलात्कार की पुष्टि करती है.

भोपाल गैंगरेप में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद कई पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है.

न्याय रोकने की कोशिश

बलात्कार जैसे गंभीर मामले में इस तरह की लापरवाही अस्पताल प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है. इसे न्याय को रोकने की कोशिश भी माना जा रहा है.

पुलिस शुरू से ही इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी. अब अस्पताल की लापरवाही सामने आने से ये शक़ पक्का हो रहा है कि पुलिस किसी भी तरह से इस मामले को दबा देना चाहती थी.

सरकार को इस मामले को एक टेस्ट केस के रूप में लेना चाहिए और जो लापरवाहियां हुई हैं, वो फिर से न हों ये सुनिश्चित करना चाहिए.

 

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