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सवालों के घेरे में दिल्ली सरकार, पर्यावरण सेस से जमा 787 करोड़ रुपये नहीं हुए खर्च

तर्कसंगत

November 16, 2017

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दिल्ली में प्रदूषण का हाल किसी से छिपा नहीं लेकिन अब प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार की गंभीरता सवालों के घेरे में आ गई है. एक आरटीआई से खुलासा हुआ है कि केजरीवाल सरकार ने पिछले एक साल में पर्यावरण सेस से जमा 787 करोड़ रुपये में से एक रुपया भी खर्च नहीं किया है.

देश की राजधानी दिल्ली की तस्वीर कुछ दिनों से बदली हुई है जहां हर कोइ प्रदूषण के कहर को झेल रहा है. स्मॉग के कहर से दिल्लीवालों का खुली हवा में सांस लेना दूभर हो गया और हालात इतने बिगड़ गए कि एनजीटी ने भी प्रदूषण की समस्या से ठीक से नहीं निपटने को लेकर दिल्ली की केजरीवाल सरकार को फटकार लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रदूषण की गंभीर स्थिति की तुलना आपातकाल से की थी.

अब एक ऐसा खुलासा हुआ जो नए सिरे से केजरीवाल सरकार की किरकिरी करवा सकता है. एक आरटीआई के मुताबिक दिल्ली सरकार ने पर्यावरण सेस से 787 करोड़ 12 लाख 67 हजार रुपये की मोटी रकम जुटाई लेकिन पिछले एक साल में इसमें से एक रुपया भी खर्च नहीं किया गया. RTI कार्यकर्ता संजीव जैन ने इस बात का खुलासा किया है.

आपको बता दें दिल्ली में दाखिल हो रहे कमर्शिलय ट्रकों से इन्वायरमेंट सेस वसूला जाता है. ट्रकों की कैटेगरी के हिसाब से 700 और 1300 रुपये प्रति ट्रक का सेस वसूला जाता है.

कोर्ट के आदेश पर 6 नवंबर 2015 से इन्वायरमेंट सेस वसूला जा रहा है जो अब तक जारी है. ताजा आकड़ों के मुताबिक 30 सितंबर 2017 तक 787 करोड़ 12 लाख 67 हजार 201 रुपये जमा हुए हैं.

हालांकि इस खुलासे के बाद आम आदमी पार्टी के नेता बचाव की मुद्रा में हैं. जबकी केजरीवाल के सहयोगी से राजनीतिक विरोधी बने कपिल मिश्रा ने सरकार की नीति और नीयत पर सवाल खड़े किये….

केजरीवाल सरकार अक्सर केंद्र सरकार और एलजी पर आरोप लगाती रही है कि वो उसके काम काज में रोड़े अटकाते रहे हैं. लेकिन अब दिल्ली सरकार को बताना चाहिए कि जब उसके खजाने में 700 करोड़ से ज्यादा की रकम उपलब्ध थी तो आखिर इसका इस्तेमाल प्रदूषण की मार से बेहाल दिल्ली को राहत देने में क्यों नहीं किया गया.

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