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मंजूनाथ के बारे में पढ़कर आप उन्हें सलाम करेंगे

तर्कसंगत

November 26, 2017

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हम दिन में कई ऐसी ख़बरें पढ़ते हैं जो इंसानियत पर हमारे भरोसे को उठा देती हैं.

लेकिन इन ख़बरों के बीच ही ऐसी ख़बरें भी होती हैं जो हमारे दिल को सुक़ून देती हैं और इंसानियत में हमारे भरोसे को फिर से ज़िंदा कर देती हैं.

कर्नाटक के बेलगाम में एक ऑटो ड्राइवर ने अपने ऑटो को ही एंबुलेंस बना रखा है.

मंजूनाथ निनगप्पा रोज़ाना शाम छह बजे से सुबह नौ बजे तक ऑटो चलाते हैं.

इस दौरान वो ज़रूरतमंदों को फ्री में यात्रा सेवा भी देते हैं.

ज़रूरत के वक़्त कोई भी उन्हें रात में किसी भी समय कॉल कर सकता है और वो मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं.

यही नहीं अपनी कमाई में से एक हिस्सा वो शेल्टर होम में भी देते हैं.

Today had a Ola auto ( Manjunath Ningappa Pujari ) ride and happened to meet this interesting person who works with the…

Geplaatst door All About Belgaum.com op zondag 10 september 2017

तर्कसंगत से बात करते हुए मंजूनाथ ने कहा, “मैं एक साल से ऐसा कर रहा हूं. ज़रूरतमंद लोगों की मदद करके मुझे सुकून मिलता है. मैं पूरा जीवन सामाजिक सेवा करने के बारे में सोचता रहा था और अब मैं ऐसा करके बहुत ख़ुश और संतुष्ट हूं.”

मंजूनाथ जैसे लोग संख्या में भले कम हो लेकिन वो हैं और इंसानियत में नई उम्मीद पैदा करते हैं.

पश्चिम बंगाल के जलपाइगुड़ी ज़िले में एक चाय बाग़ान में काम करने वाले करीमउल हक़ को स्थानीय लोग बाइक एंबुलैंस दादा कहते हैं.

वो बीमार लोगों को अपनी बाइक से अस्पताल पहुंचाते हैं और स्थानीय लोगों के लिए मदद का एक ज़रिया बन गए हैं.

हम मंजूनाथ और करीमउल हक़ जैसे लोगों के काम और जज़्बे को सलाम करते हैं.

आज भी भारत में बड़ी तादाद में लोग समय पर इलाज न मिल पाने से मर जाते हैं.

दूरस्थ इलाक़ों में स्थिति और भी भयावह है. यूं तो प्रदेश और केंद्रीय सरकारें एंबुलैंस सेवाएं मुहैया कराने का दावा करती हैं लेकिन अभी इस दिशा में और भी बहुत काम किया जाना बाकी है.

ऐसी परिस्थितियों में मंजूनाथ और करीमउल हक़ जैसे लोगों का काम और भी अहम हो जाता है.

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