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नोटबंदी से परेशान व्यापारी ने परिवार के चार लोगों का गला काटा, जान देने की कोशिश की

तर्कसंगत

December 13, 2017

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तमिलनाडु में नोटबंदी से परेशान एक व्यापारी ने अपने परिवार के चार लोगों की हत्या कर अपनी जान लेने की कोशिश की है.

अपने सुसाइड नोट में व्यापारी ने नोटबंदी के कारण काम बंद होने के परिवार के बिगड़े आर्थिक हालात के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है.

अख़बार द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक  टेक्सटाइल की रिटेल यूनिट चलाने वाले एम दामोदरन उर्फ़ प्रकाश ने अपनी 36 वर्षीय पत्नी दीपा, अपने दो बच्चों 8 वर्षीय रोशन और 6 वर्षीय मीनाक्षी और अपनी 68 वर्षीय मां सरस्वती की गला रेतकर हत्या कर दी.

इसके बाद उन्होंने अपना गला काटकर जान देने की कोशिश भी की. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

दामोदरन की पम्मल के कृष्णा नगर में एलुमलाई स्ट्रीट पर कपड़े की दुकान थी. लगातार बढ़ रहे क़र्ज़ की वजह से वो तनाव में थे.

पुलिस के मुताबिक दामोदरन ने अपने परिवार के चार सदस्यों का गला काट दिया और इसके बाद अपना भी गला काटकर जान देने की कोशिश की. उन्हें राजीव गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

अपने सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि सरकार के नोटबंदी के फैसले से उनका व्यापार प्रभावित हुआ है और वो क़र्ज़ के जाल में फंस गए हैं.

उन्होंने लिखा,  मुझ पर क़र्ज़ कई गुणा बढ़ गया है. राज्य सरकार लोगों की आर्थिक समस्याओं को लेकर चिंतित नहीं है. यदि यही सब चलता रहा तो मेरे जैसे कई और परिवार जान देने को मजबूर हो जाएंगे.”

पुलिस के मुताबिक सुसाइड नोट में दामोदरन ने ये भी कहा है कि लगातार बढ़ रहे क़र्ज़ की वजह से वो लोगों का सामना नहीं कर पा रहे थे.

अपने ससुर से माफ़ी मांगते हुए उन्होंने लिखा है कि मेरे लिए व्यापार करना मुश्किल हो गया है, अब मैं अपने परिवार को अपने साथ ले जा रहा हूं.

मंगलवार सुबह को ही उन्होंने अपने साले से फ़ोन पर आत्महत्या करने की बात कही थी.

जब उनके ससुर दौड़कर थीरूवल्लुवर नगर के ननधनार स्ट्रीट पर उनके फ्लैट पर पहुंचे तो उन्हें ख़ून में लथपथ शव मिले.

दामोदरन का गला गटा हुआ था और वो भी बेहोश पड़े थे. क़त्ल में इस्तेमाल एक धारधार चाकू भी पास ही पड़ा था.

पुलिस का कहना है कि के इस मामले में अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है और जांच चल रही है.

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