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आईएएस की पोती की मुसलिम युवक से शादी का विरोध करने पर पिटे हिंदूवादी

Poonam

December 23, 2017

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उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में एक युवा और एक युवती ने अपनी कई  सालों से चली आ रही प्रेम कहानी को शादी के अंजाम तक पहुंचाया.

दोनों ने अदालत में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की और पतीपत्नी हो गए.

दोनों के परिवारजन भी इस शादी से ख़ुश थे और तय हुआ कि रिशेप्शन पार्टी लड़की के राजनगर स्थित घर पर होगी.

लड़की ख़ुश, लड़का ख़ुश. परिजन ख़ुश. अदालत भी राज़ी. लेकिन ये शादी बीजेपी के स्थानीय नेताओं और कथित हिंदूवादी कार्यकर्ताओं की नज़र में चुभ गई.

जिस कहानी में लड़के और लड़की के घरवालों को प्रेम नज़र आया उसमें समाज के इन कथित ठेकेदारों नेलव जेहादकी कहानी तलाश ली.

शुक्रवार को जब दोनों परिवार शादी का जश्न मना रहे थे तब भाजपा और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता हंगामे करने पहुंच गए.

बेगानी शादी में आए इनअब्दुल्लाओंको समझाने के लिए पुलिस पहुंची तो पुलिस अधिकारियों के साथ भी धक्कामुक्की कर दी गई.

जब तक कार्यकर्त्ताओं पर हुई लाठीचार्ज के दोषी पुलिस अधिकारीयों पर कार्यवाही नहीं होगी हमारी लडाई जारी रहेगी ।

Geplaatst door Ajay Sharma op vrijdag 22 december 2017

आख़िर में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. सात घंटे तक हंगामा चलता रहा. दो घंटे तक सड़क जाम रही. पुलिस के लाठीचार्ज के बावजूद सत्ता के नशे में चूर हिंदूवादी कार्यकर्ता हटने को तैयार नहीं थे.

किसी तरह दुल्हन अपने दूल्हे के साथ विदा हो सकी.

शादी करने वाले लड़के ने एमबीए की पढ़ाई की है और वो एक मीडिया कंपनी में मार्केटिंग में नौकरी करते हैं.

लड़की ने एमबीबीएस की पढ़ाई की है और फिलहाल वो शोध कर रही हैं. लड़की के पिता गाज़ियाबाद के बड़े व्यापारी हैं और उसके दादा आईएएस रहे हैं.

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लड़के के पिता पेशे से प्रोफ़ेसर हैं. पुलिस के मुताबिक लड़की और लड़का स्कूल के समय से एक दूसरे को प्यार करते हैं और अब उन्होंने क़ानूनन शादी की है.

पढ़ेलिखे लड़कीलड़के ने क़ानून के तहत शादी की. भारत में किसी भी बालिग़ को भी अपनी मर्ज़ी से किसी भी बालिग़ से भी शादी करने का अधिकार है.

लेकिन शायद विरोध करने वाले लोग न क़ानून को समझते हैं और न ही संविधान को.

बजरंग दल और भाजपा नेताओं का कहना था कि परिवार ने शादी करने के लिए उनसे अनुमति नहीं ली है.

स्थानीय मीडिया को दिए बयानों में भाजपा के नगर अध्यक्ष ने अजय शर्मा ने कहा है कि लड़की और लड़के के परिवार ने ये शादी करने के लिए उनसे अनुमति नहीं ली थी.

अब कोई शर्मा से ये पूछे कि कौन से क़ानून के तहत उन्हें ये अधिकार है कि वो लोगों को शादी करने की अनुमति दे या न दें.

वहीं बजरंग दल के एक स्थानीय नेता बलराज डूंगर का कहना था कि ये शादी नहीं थी बल्कि लव जेहाद था.

ये अलग बात है कि लड़की के पिता ने कहा है कि उनकी बेटी ने अपनी मर्ज़ी से विशेष मैरिज एक्ट के तहत शादी की है.

न ही उसने निकाह किया है और न ही धर्म परिवर्तन. लड़का और लड़की एक दूसरे के मज़हब को स्वीकार करके साथ रहने के लिए तैयार हैं, तो फिर किसी को इस शादी से क्या दिक्कत हो सकती है.

लव जेहाद भारत में इस समय एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा है. हाल ही में राजस्थान के राजसमंद में एक युवक शंभूलाल रेगर ने पश्चिम बंगाल से आए एक प्रवासी मज़दूर मोहम्मद अफ़राज़ुद्दीन को कथित लव जेहाद के विरोध में ज़िंदा जलाकर मार दिया था और घटना का वीडियो वायरल कर दिया था.

हिंदू संगठनों का आरोप है कि भारत के मुसलमान युवा एक साज़िश के तहत हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाते हैं और फिर उनसे शादी करके उनका धर्म परिवर्तन करवा देते हैं.

कुछ अंधधार्मिक कट्टरवादियों का दिय गया जुमला अब  लव जेहाद अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है. ऐसे में बीजेपी इसे भुनाने से पीछे क्यों हटेगी. इसके लिए अगर किसी क़ानूनन की गई शादी का भी विरोध करना पड़े तो क्या हर्ज़ है?

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