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भीमा कोरेगांव हिंसाः दलित संगठनों का महाराष्ट्र बंद आज

तर्कसंगत

January 3, 2018

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सोमवार को महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में दलितों पर हुए कथित हमले के बाद दलित संगठनों ने मंगलवार को महाराष्ट्र के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किए हैं.

दलित संगठनों ने बुधवार को महाराष्ट्र बंद का आह्वान भी किया है.

मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई जगह हिंसक वारदातें भी हुई हैं.

प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में तोड़फोड़ भी की है.

प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में 176 बसों में तोड़फोड़ की गई है. कई निजी वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया है.

सबसे ज़्यादा प्रभावित मुंबई के चेंबूर और घाटकोपर इलाक़े रहे. यहां आगजनी और तोड़फोड़ की गई घटनाएं हुई हैं.

हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस ने पूरी घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं.

इतिहासकार बताते हैं कि कोरेगांव भीमा वो जगह है जहां 200 साल पहले 1 जनवरी 1818 कोअछूतमाने जाने वाले लगभग आठ सौ महारों ने चितपावन ब्राह्मण पेशवा बाजीराव द्वितीय के 28 हज़ार सैनिकों को घुटने टिका दिए थे.

महार सैनिक इस युद्ध में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से लड़ रहे थे. भीमा कोरेगांव युद्ध के बाद ही महाराष्ट्र में पेशवा शासन का अंत हो गया था.

इस घटना के दो सौ साल पूरे होने पर महाराष्ट्र के कई दलित संगठन शौर्य दिवस मना रहे थे.

सोमवार को बड़ी तादाद में दलित इस समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे. लेकिन यहां अचानक हिंसा शुरू हो गई जिसमें कई लोग घायल हुए हैं.

इस दौरान कई गाड़ियां भी तोड़ दी गईं थीं. इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत भी हो गी थी.सोपो

दलित संगठनों ने मराठा लोगों पर हमला करने के आरोप लगाए हैं.

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