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मस्जिद से नमाज़ पढ़कर लौट रहे कश्मीरी छात्रों पर हमला

Poonam

February 4, 2018

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हरियाणा के महेंद्रगढ़ में शुक्रवार को नमाज़ पढ़कर लौट रहे दो कश्मीरी छात्रों पर हमला किया गया.

पुलिस के मुताबिक इस मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है जबकि पहचाने गए तीन हमलावर अभी फरार हैं.

पुलिस का कहना है कि बाइक टकरा जाने को लेकर कुछ युवाओं में कहासुनी हुई थी जिसके बाद ये हमला किया गया. जबकि कश्मीरी युवाओं का कहना है कि उन्हें बेवजह निशाना बनाया गया.

महेंद्रगढ़ के पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने तर्कसंगत को बताया, “उत्तर प्रदेश के कुछ युवाओं का कुछ स्थानीय युवाओं से झगड़ा हुआ था. उन्होंने कश्मीरी युवाओं को यूपी के युवाओं के साथ समझकर उन पर हमला कर दिया. हमने तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है और तीन और की पहचान कर ली गई है जिन्हें जल्द ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.”

वहीं हमले में घायल कश्मीरी छात्र आफ़ताब अहमद ने तर्कसंगत से कहा, “हम जैसे ही नमाज़ पढ़कर मस्जिद से निकले एक दर्जन से अधिक लोग हमारा पीछा करने लगे. फिर अचानक उन्होंने हम पर हमला कर दिया गया. ये एक सोचा समझा हमला था.”

आफ़ताब कहते हैं, “आमतौर पर हम यूनिवर्सिटी में ही जुमे की नमाज़ पढ़ते हैं लेकिन इस बार हमें शहर से कुछ सामान ख़रीदना था इसलिए हम महेंद्रगढ़ आ गए. मेरी दाढ़ी है और मैंने टोपी लगा रखी थी. उन्होंने मुझ पर मुसलमान समझकर ही हमला किया था.”

महेंद्रगढ़ केंद्रीय यूनिवर्सिटी शहर से करीब पंद्रह किलोमीटर दूर है और यहां हॉस्टल में रहने वाले छात्र अक्सर सामान ख़रीदने के लिए शहर आते हैं.

आफ़ताब ने यहां डेढ़ साल पहले एमएसएसी जियोग्राफ़ी में दाख़िला लिया था. इस हमले के बाद से वो बेहद डरे हुए हैं.

आफ़ताब कहते हैं, कश्मीरी होने की वजह से हमें कई तरह के सवालों और तानों का सामना करना पड़ता है लेकिन हमने ये कभी नहीं सोचा था कि इस तरह भीड़ का शिकार हो जाएंगे.

वहीं इस मामले में जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को टैग करते हुए ट्वीट किया जिसके जवाब में मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा और सख़्त कार्रवाई की जाएगी.

हरियाणा में किसी अल्पसंख्यक पर हमले का या पहला मामला नहीं हैं. इससे पहले एक मस्जिद के इमाम पर हमला किया गया था और उनसे जबरदस्ती भारत माता की जय और जय श्री राम के नारे लगवाए गए थे.

भारत का संविधान सभी नागरिकों को बराबर अधिकार देता है और धर्म के आधार पर भेदभाव को प्रतिबंधित करता है.

प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सरकार की संवैधानिक ज़िम्मेदारी है. संविधान की शपथ लेकर ही भारत में सरकारें शासन करती है.

इस घटना के बाद हरियाणा में अल्पसंख्यों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं. हरियाणा सरकार को इन सवालों का जवाब देकर साबित करना होगा कि वो संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करती है  और सभी नागरिकों को सुरक्षा देने में सक्षम है.

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