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हिंसा और शोषण का शिकार होतीं एनआरआई दुल्हनें

तर्कसंगत

February 5, 2018

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भारत में बहुत से लोग अपनी बेटियों के लिए एनआरआई दूल्हा चाहते हैं.

लेकिन टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट एनआरआई दुल्हनों का एक चिंताजनक पहलू सामने लाती है.

रिपोर्ट के मुताबिक हर आठ घंटे में विदेशों में शादी करने वाली एक भारतीय बेटी घर कॉल करके मदद की मांग करती है.

इन लड़कियों को या तो छोड़ दिया गया होता है या फिर उनके साथ मारपीट की जाती है.

भारत के विदेश मंत्रालय को एक जनवरी 2015 से 30 नवंबर 2017 के बीच 3328 शिकायतें प्राप्त हुईं.

यानी औसतन रोज़ाना तीन से अधिक महिलाओं ने मदद की गुहार लगाई.

शिकायतें करने वाली अधिकतर महिलाएं पंजाब से हैं. इसके बाद आंध्र-तेलंगना और गुजरात का नंबर आता है.

विदेशों में पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए विशेष मंत्रालय ने मदद नाम की पहल की हुई है.

महिलाओं को न सिर्फ़ क़ानूनी बल्कि वित्तीय मदद भी मुहैया कराई जाती है.

भारत में बहुत से लोगों की चाह होती है कि उनकी बेटी की शादी अच्छी सैलरी वाले एनआरआई दुल्हे से हो.

लेकिन ऐसी शादियों में जब बेटी अपना घर और देश छोड़कर जाती है तो नए देश में उसके सामने कई तरह की चुनौतियां होती हैं.

यदि पति का व्यवहार ठीक नहीं रहा तो उसके लिए मदद के रास्ते बहुत सीमित होते हैं.

विदेश में होने की वजह से परिवार के लोग भी तुरंत हस्तक्षेप नहीं कर पाते हैं.

ऐसे में लड़कियां शोषण और उत्पीड़न का शिकार हो जाती हैं.

स्रोतः टाइम्स ऑफ़ इंडिया

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