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अब उम्मीदवारों को घोषित करना होगा आय का स्रोत

तर्कसंगत

February 16, 2018

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चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने अब चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को लिए अपनी आय का स्रोत जाहिर करना अनिवार्य कर दिया है.

अब तक उम्मीदवारों को सिर्फ़ अपनी आय बतानी होती थी और वो आय का स्रोत बताने के लिए बाध्य नहीं थे.

सुप्रीम कोर्ट ने ये अहम आदेश कई प्रांतों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों से पहले दिया है.

अब चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को न सिर्फ़ अपनी बल्कि अपने परिजनों की आय का स्रोत भी सार्वजनिक करना होगा.

लोक प्रहरी नाम के एक गैर सरकारी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में याचिका दायर की थी.

सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फ़ैसले को चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की दिशा में अहम क़दम माना जा रहा है.

एनजीओ के महासचिव एसएन शुक्ला के मुताबिक अब तक उम्मीदवार अपना, अपनी जीवनसाथी और बच्चों की संपत्तियों और देनदारी का ब्यौरा देते थे लेकिन वो आय का स्रोत जाहिर नहीं करते थे.

एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट से आय का ब्यौरा देने वाली दस्तावेज़ में आय के स्रोत का एक कॉलम और जोड़ने की मांग की थी

सुनवाई के दौरान सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टेक्सेस  (सीबीडीटी) ने अदालत को बताया था कि  सात सांसदों और 98 विधायकों के चुनावी हलफ़नामों से प्रथम दृष्टया आय की घोषणी में गड़बड़ी प्रतीत होती है.

सुप्रीम कोर्ट ने दो चुनावों के मध्यांतर में कई गुणा संपत्ति बढ़ने वाले सांसदों और विधायकों पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा भी मांगा था.

एसोसिएशन ऑफ़ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के मुताबिक लोकसभा के चार मौजूदा सांसदों की संपत्ति 12 गुणा बढ़ी है जबकि 22 अन्य सांसदों ने पिछले चुनाव के मुक़ाबले पांच गुणा अधिक संपत्ति घोषित की है.

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