मेरी कहानी

मेरी कहानी : मेरे पापा उन्हें गंदी औरत कहते क्योंकि वो गोद ली हुई संतान की देखभाल करती थी

Poonam

February 23, 2018

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मेरी मां हमेशा मुझसे कुछ छिपाती थीं. मैं भी बार-बार ये जानने की कोशिश करता था कि आखिर वो मुझसे क्या छिपा रही हैं. गांव में जब भी मैं किसी समारोह में शामिल होता था तो लोग मुझे देखकर बातें करने लगते थे. वो ये कहते थे कि मैं कितना अभागा हूं. जब ये बात मैंने मां को बतायी तो वो घबराकर चिल्लाते हुए मुझसे पूछती हैं कि तुम्हें क्या पता चला ? मैंने जवाब दिया कुछ नहीं और वो मुझे गले लगाकर कहती हैं कि किसी की बातों में मत आना. जब भी वो ऐसी बातें करती थीं मैं डर जाता था और उन्हें भरोसा देता था की मैं किसी की बातों में नहीं आउंगा. एक दिन मैंने सुना की पापा और मां के बीच मेरे उपर पैसे खर्चने को लेकर झगड़ा हो रहा था. उन्होंने मां को गंदी औरत कहा और किसी दूसरे के बच्चे का ख्याल रखने का आरोप लगाया.

उस दिन मुझे पता चला की जब मैं 3 महीने का था मुझे पैदा करने वाली मां मुझे छोड़कर जा चुकी थी. तभी मुझे पालकर बड़ा करने वाली मेरी मां ने मुझे अपनाया और अपने घर लेकर आयीं. जब मैंने मां से कहा की मैं सब सुन चुका हूं तो वो बहुत रोयीं और अपने हाथ पर लिटाकर मेरे सर पर हाथ फेरकर मुझसे कहा की मैं ही तुम्हारी मां हूं , किसी की बातों पर भी ध्यान मत दो. मैं 10 साल को हो गया था और मुझे लगा की मैं अपनी मां के लिए किसी परेशानी के समान हूं और सबके लिए एक अभागा लड़का. इस घटना के कुछ दिनों के बाद मैं चुपके से गांव छोड़कर चला गया.

जब मैं शहर पहूंचा तो पाया की यहां के लोग और यहां की जिंदगी बिल्कुल अलग है,जो मुझे हैरान करने वाला था. मैं एक ब्रिज पर बैठा रो रहा था तभी फालन, सुमोन और ज्वेल ने मुझे बुलाया और अपने पास सोने के लिए जगह दे दी. उस रात मैं रोता रहा, किसी ने भी मुझे चुप नहीं कराया बल्कि वो भी मेरे साथ रोने लगे. मैं उस मैं के लिए नहीं रो रहा था जो मुझे छोड़कर चली गयी थी बल्की उस मां के लिए रो रहा था जिन्हें छोड़कर मैं आ गया था. मैं उनकी कमी महसूस कर रहा था और हर घड़ी हर पल बस उनकी याद आ रही थी.

मैं उन्हें कभी नहीं भूल सकता क्योंकि वो मेरे दिल में हैं. हर साल मैं उनसे मिलने गांव जाता हूं. मेरा उनसे मिलना किसी को भी पसंद नहीं है. जब मैं घर के अंदर जाता हूं तो मेरी अम्मू मुझे किसी छोटे बच्चे की तरह पकड़ कर गले लग जाती हैं. मुझे थोड़ा अजीब लगता है और मैं उनसे कहता हूं आप मुझे इतना प्यार मत करो. पिछली बार वो बहुत रोयीं थीं और बताया की मेरी खुशियों के लिए वो हर घड़ी भगवान से प्रार्थना करती रहती हैं. मैं कहता हूं की मुझे बहुत प्यार मिला है. मैंने बताया कि मेरे दोस्त हैं जिनका मेरे अलावा कोई नहीं है. हम साथ कमाते हैं और साथ ही पैसे खर्च करते हैं . दिन में हम साथ ही झगड़ा करते हैं और रात को एक दूसरे के हाथों पर सो जाते हैं. मेरा अब खुद का परिवार है जहां हमें किसी को नहीं बताना की कौन हमारे मां-बाप हैं और हम कहां से आये हैं. हम आपस में बहुत प्यार से रहते हैं.

– राजू(17)

My mother always hid something from me. I also tried to find out what she was hiding from me. In village when we went to…

Posted by GMB Akash on Wednesday, 14 June 2017

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