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केरल का एक जिला कारागार जहां जेल के कैदीयों द्वारा बनाये गये भोजन से भूखों का भरता है पेट

Poonam

February 23, 2018

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केरल के कोझिकोड जिले में ‘Share meal’ प्रोजेक्ट शुरु किया गया है जिसके जरिये भूखों को खाना खिलाया जाएगा. 23 अक्टूबर, 2017 को इस प्रोजेक्ट की शुरूआत की गयी और इस नेक काम के पीछे कोझिकोड जिला कारागार के अधीक्षक के अनील कुमार का दिमाग है. यहां खाना जेल के कैदियों द्वारा ही तैयार किया जाता है.

जब भी कोई यहां से फूड पैकेट खरीदता है तो इसके साथ एक अतिरिक्त पैकेट प्रायोजित कर सकता है. कोई भी भूखे व्यक्ति के लिए 25 रू, के कूपन खरीदकर पैकेट ले सकता है. इस प्रकिया में पैकेट खरीदने वाले और इसे पाने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाता है. अनिल कुमार ने तर्कसंगत से बताया की “कभी कभी तो लोगों से बिल्कुल थोक में ऑर्डर आ जाते हैं”.

‘Share meal’ प्रोजेक्ट की शुरूआत एर्नाकुलम के जिला कारागार में हुई तब अनील कुमार वहां के अधीक्षक थे. अनील कुमार ने ये भी बताया की “अभी तक इस प्रोजेक्ट के तहत 24000 लोगों को फायदा पहूंचा है”. इसके मील पैकेट में 5 रोटीयां होती हैं जिसके साथ वेज या नॉन वेज करी होती है. इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य है शहर को भूख से मुक्त करना.

फूड फॉर फ्रीडम

जेल के बाहर ‘फूड फॉर फ्रीडम’ काउंटर पर कूपन मिलते हैं. उद्घाटन के दिन ही 25000 तक के कूपन बिके थे. फूड आइटम के अलावा इस काउंटर पर फिनॉल, पेपर कैरी बैग, डिटरजेंट पाउडर, कार वॉश और फूल के गमलों की भी बिक्री होती है जिसे इस कारागार के कैदी ही तैयार करते हैं.

जब बहुतायत मात्रा में खाना हो जाता है तो इसे किसी अनाथालय, ओल्ड ऐज होम या फिर किसी हास्पीटल में पहूंचा दिया जाता है, ताकि कुछ भी बेकार ना जाये.

ऑपरेशन सुलेमानी

इससे पहले अप्रैल 2013 में जिला प्रशासन ने ऑपरेशन सुलेमानी की शुरूआत की थी, जिसके तहत होटल और रेस्त्रां की मदद से भूखों को भोजन दिया गया. इसकी शुरूआत पार्शनाथ नैयर ने की जो उस वक्त कोझिकोड जिले के कलेक्टर थे. शहर के 125 रेस्त्रां इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बने. शहर में कई जगह बाक्स बने हैं जहां लोग अपनी इच्छा से पैसे डोनेट कर सकते हैं. ऑर्गनाइज़र इन पैसों से भूखों को खाना खिलाने का काम करते हैं. ऑपरेशन सुलेमानी की सफलता को देखते हुए ‘Share meal’ प्रोजेक्ट की शुरूआत हुई.

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