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बजरंग दल का आदेश नहीं माना तो मां के हाथ काटे, बेटे को पीटा

तर्कसंगत

March 7, 2018

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गुजरात के गांधीनगर ज़िले में नफ़रत से प्रेरित हिंसा की एक वारदात में एक मां और बेटा गंभीर रुप से घायल हो गए हैं.

गांधीनगर के छत्राल क़स्बे में एक मुस्लिम महिला के हाथ काट दिए गए और उसके बेटे को बुरी तरह पीटा गया.

महिला और बेटे पर हमला करने के आरोप बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं पर हैं.

बजरंग दल ने परिवार को अपने घर के भीतर रहने का आदेश दिया था लेकिन महिला अपने जानवर चराने बाहर चली गई थी.

हमले में 52 वर्षीय रोशनबीवी सैयद के बाएं हाथ का अंगूठा और उंगलियां काट दी गईं. उनके 32 वर्षीय बेटे के सिर में फ्रेक्चर हो गया है. हमले के बाद मां और बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी हालत स्थिर है.

स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस क्षेत्र में 6 दिसंबर के बाद से ही तनाव है.

कार्यकर्ताओं के मुताबिक बजरंग दल ने बाबरी गिराए जाने की बरसी पर यहां मुस्लिम बहुल इलाक़े से रैली निकाली थी.

रोशनबीवी के भतीजे अस्लम सैयद ने द टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया है कि सोमवार सुबह बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रोशनबीवी और उनके बेटे को घर से न निकलने की चेतावनी दी थी. जब वो अपने पशु चराने बाहर गए तो बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया.

सैयद के मुताबिक भारवाड़ समुदाय के एक व्यक्ति ने घायल रोशनबीवी और उनके बेटे को देख लिया और उनकी मदद की.

पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत मुक़दमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.

स्थानीय कार्यकर्ता शरीफ़ मलिक का कहना है कि हमलावर करने वाले गुंडे पहले भी ऐसी वारदातों में लिप्त रहे हैं.

गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक विरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि 5 मार्च को हुई हिंसा की घटनाओं के संबंध में दो मामले दर्ज किए गए हैं.

उन्होंने कहा कि हाथ काटे जाने की इस घटना के संबंध में हत्या के प्रयास का मुक़दमा दर्ज किया गया है और जांच की जा रही है.

पुलिस के मुताबिक ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला नफरत से प्रेरित था या नहीं.

शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने ज़िला शांति समिति की बैठक भी बुलाई है और लोगों से सांप्रदायिक तनाव को हवा न देने के लिए कहा गया है.

स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक 04 मार्च को भी छत्राल क़स्बे में हिंसा की वारदात हुई थी. हालांकि इसके कारण स्पष्ट नहीं हैं.

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