ख़बरें

जब सबने ठुकराया तब पुलिसवालों ने दिया कंधा, मिला सम्मान

तर्कसंगत

March 7, 2018

SHARES

कर्नाटक के एक गांव में जब गांववालों ने एक 80 वर्षीय व्यक्ति के शव को कंधा देने से इनकार कर दिया तो पुलिसकर्मी मदद के लिए आगे आए.

पुलिसकर्मियों की शव को कंधा देते हुए तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा हुई थी.

अब कर्नाटक पुलिस के इन जवानों को सम्मानित किया जा रहा है.

घटना गुलगोदी गांव की है जहां गांववालों ने एक बुजुर्ग को शव को छूने से इनकार कर दिया था.

गांववालों का कहना था कि ‘देवी नेमा’ पर्व के चलते वो शव को नहीं छू सकते क्योंकि इससे वो अपवित्र हो जाएंगे.

जब कोई शव को उठाने आगे नहीं आया तो पुलिसकर्मियों ने उसके बेटे के साथ शव को कंधा दिया और अंतिम संस्कार करवाया.

दक्षिण कन्नड़ ज़िले के गुलगोडी गांव के रहने वाले असलप्पा अपने पिता का अंतिम संस्कार करने के लिए मदद की गुहार लगा रहे थे लेकिन कोई आगे नहीं आया. यहां तक के उनके क़रीबी रिश्तेदारों ने भी शव उठाने में मदद नहीं की.

दक्षिण कन्नड़ ज़िले के पुलिस अधीक्षक बीआर रविकांता गौड़ा ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से कहा, “असलप्पा का घर एक पहाड़ की चोटी पर है. उनके लिए शव को घर से लाना नामुमकिन था. जब कोई मदद के लिए आगे नहीं आया तो सिपाहियों ने मदद की.”

दरअसल एक स्थानीय अख़बार के संवाददाता ने पुलिस को असलप्पा की परेशानी के बारे में बताया था. ये जानकर सब इंस्पेक्टर प्रकाश देवाडीगा और असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर रवि मौके पर पहुंचे. पुलिसवालों ने भी लोगों से असलप्पा की मदद करने के लिए कहा लेकिन किसी ने मदद नहीं की. लोगों का कहना था कि शव छूने से वो अपवित्र हो जाएंगे.

पुलिसवालों ने किसी का इंतेज़ार किए बिना स्वयं ही शव को कंधा दिया.

एएसआई रवि ने द न्यूज़ मिनट से कहा, “चोटी काफ़ी ऊंची है, कोई वाहन या एंबुलेंस वहां तक नहीं जा सकती. इसलिए हम स्वयं अपने कंधों पर शव को लेकर नीचे तक आए. ”

वहीं कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि देवी नेमा ही लोगों के मदद न करने की एकमात्र वजह नहीं है.

लोगों का कहना है कि परिवार में हुए एक अंतरजातीय विवाह की वजह से भी लोगों ने परिवार से संपर्क काट लिया था.

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...