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आईएएस ने रौब से बजाया बारात में डीजे, पुलिस ने ससुर पर दर्ज किया मुक़दमा

तर्कसंगत

March 14, 2018

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भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से उम्मीद की जाती है कि वो सार्वजनिक जीवन में व्यवहार के उच्चतम मानदंड स्थापित करें.

ये उम्मीद इसलिए की जाती है क्योंकि इसी सेवा के अधिकारियों के पास सबसे बड़ी प्रशासनिक ज़िम्मेदारियां होती हैं.

यही नहीं आईएएस अधिकारियों को देश में सबसे अच्छा प्रशिक्षण भी मिलता है.

लेकिन कई बार इसी सेवा के अधिकारी अपनी ताक़त के नशे में ऐसे चूर हो जाते हैं कि वो उन्हीं क़ानूनों को तोड़ने लगते हैं जिनकी रक्षा की ज़िम्मेदारी उन पर होती है.

उत्तर प्रदेश के नोयडा में सोमवार रात ऐसा ही मामला हुआ. एक आईएएस अधिकारी की बारात में नियमों का उल्लंघन कर देर रात डीजे बजाया जा रहा था.

आसपास के लोगों ने शोर की शिकायत पुलिस के आपात नंबर 100 पर कॉल करके की.

पुलिस शादी समारोह में पहुंची लेकिन आईएएस अधिकारी ने अपनी हनक दिखाकर उन्हें बिना म्यूज़िक बंद किए ही लौटा दिया.

तेज़ आवाज़ से परेशान लोगों ने फिर शिकायत की. फिर पुलिस आई और फिर पुलिस को लौटा दिया गया.

लेकिन तीसरी बार जब शिकायत हुई तो दारोगा दल-बल के साथ पहुंच गए और जम्मू-कश्मीर काडर के आईएएस अधिकारी नीरज चौहान के ससुर और बारात में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कर लिया.

थाना प्रभारी वेदपाल सिंह पुंडीर ने स्थानीय मीडिया को बताया कि आईपीसी की धाराओं 278, 291 और 332 के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया.

पुंडीर के मुताबिक आईएएस अधिकारी नीरज चौहान की बारात छपरौली गांव आई थी जहां तेज़ आवाज़ में देर रात तक संगीत बजाया जा रहा था.

पुलिस जब तीसरी बार डीजे बंद कराने पहुंची तो बारातियों ने आईएएस के रुतबे का रौब दिखाकर पुलिस से बदतमीज़ी भी कर दी थी.

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक  पुलिस ने आईएएस नीरज चौहान के ससुर के ख़िलाफ़ नामजद मुक़दमा दर्ज किया.

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में लाउडस्पीकर और डीजे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसमें धार्मिक प्रतिष्ठान समेत सभी तरह के आयोजन शामिल हैं.

डीजे या लाउडस्पीकर बजाने के लिए ज़िला प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है.

यही नहीं अनुमति के बावजूद डीजे या लाउडस्पीकर की आवाज़ पैंतालीस डेसिबल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघ कर आईएएस अधिकारी की बारात में ज़ोर शोर से डीजे बजाया जा रहा था.

इस घटना के संबंध में नीरज चौहान की ओर से कोई बयान अभी नहीं आया है.

वो फिलहाल जम्मू-कश्मीर में मंडलायुक्त कार्यालय से अटैच चल रहे हैं. इससे पहले वो उधमपुर ज़िले के डीसी थे.

स्रोतः अमर उजाला

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