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काम पर जाने वाली राजपूती बहू का मर्यादा के नाम पर क़त्ल

तर्कसंगत

March 20, 2018

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राजस्थान के अलवर ज़िले में कथित तौर पर राजपूत मर्यादा के ख़िलाफ़ जाने पर एक 33 वर्षीय महिला की हत्या कर दी गई.

ये घटना 15 मार्च की है जब एक महिला का क़त्ल घर से बाहर जाकर काम करने की वजह से कर दिया गया.

रिपोर्टों के मुताबिक दो बच्चों की मां ऊषा देवी का क़त्ल उनके पति के चाचा ने किया है.

पुलिस का कहना है कि हत्या के अभियुक्त ममराज सिंह का मानना है कि महिलाओं का काम पर जाना राजपूती मर्यादा के ख़िलाफ़ है.

ऊषा देवी काम करके अपना परिवार चला रहीं थी. वो घर के सभी काम करने के अलावा एक फ़ैक्ट्री में भी काम कर रहीं थीं.

एक रिश्तेदार श्याम सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “वो घर को भी हमेशा साफ़-सुथरा रखतीं थीं. वो बेहद सीमित संसाधनों में बेहतर करने की कोशिश कर रहीं थीं.”

वहीं फ़ैक्ट्री के मालिक गैराज सिंह के मुताबिक ऊषा देवी एक मेहनती कर्मचारी थीं और उनका व्यवहार सभी के साथ अच्छा था.

ऊषा देवी प्लास्टिक फ़ैक्ट्री में काम करके अपना घर चला रहीं थीं.

पड़ोसियों और रिश्तेदारों के मुताबिक वो कभी स्कूल नहीं जा पाईं थीं लेकिन अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का सपना देखती थीं.

देवी की बड़ी बहन बीना के मुताबिक, ‘वो रोज़ सुबह पांच बजे उठती और लकड़ी लाकर खाना बनाती ताकि बच्चे स्कूल जा सकें. वो आठ बजे फैक्ट्री चली जातीं और फिर शाम को छह बजे ही काम से लौटती थीं.’

ऊषा देवी के पति मुकेश ने बताया, “चार-पांच महीने पहले मेरे चाचा ने मेरी पत्नी को काम पर जाने से रोकने की कोशिश की थी तब उसने उन्हें सैंडल से पीट दिया था. मैंने भी उनसे झगड़ा किया था. लेकिन हमने ये कभी नहीं सोचा था कि वो उसका क़त्ल कर देंगे. मैंने एक बार जब अपने चाचा को पत्नी का पीछा करते हुए देखा था तो उसे चेताया भी था.”

पुलिस के मुताबिक क़त्ल के अभियुक्त ममराज सिंह को कोई पछतावा नहीं है. पुलिस पूछताछ में उन्होंने कहा है कि महिलाओं का काम पर जाना राजपूती मर्यादा के ख़िलाफ़ है और वो अपनी बहू के काम पर जाने से ख़ुश नहीं थे.

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