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स्मार्टफ़ोन के 22 फ़ीचर का एक्सेस मांगती है नमो एप

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March 26, 2018

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अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर बनी नमो एप्लीकेशन यूज़र के स्मार्टफ़ोन की 22 फ़ीचर का एक्सेस मांगती है.

नमो एप भारतीय जनता पार्टी की अधिकारिक एप्लीकेशन है जिसके ज़रिए पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गतिविधियों का प्रचार किया जाता है.

इस एप को अब तक पचास लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है.

लेकिन सोशल मीडिया पर डाटा और निजी जानकारियों को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच प्रधानमंत्री की नमो एप पर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.

एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी की एप्लीकेशन यूज़र की मर्ज़ी के बिना उसका डाटा अमरीका स्थित एक कंपनी को भेजती है.

विपक्षी कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री पर लोगों की जानकारियां अवैध तरीक़े से अमरीका भेजने के आरोप लगाए हैं.

हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है.

इसी बीच इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया गया है कि नमो एप यूज़र के स्मार्टफ़ोन के 22 फ़ीचर तक पहुंच रखती है जिसमें कैमरा, माइक्रोफ़ोन, गैलरी, कांटेक्ट, कॉल डिटेल जैसे संवेदनशील फ़ीचर शामिल है.

इसके मुक़ाबले में प्रधानमंत्री कार्यालय की अधिकारिक एप्लीकेशन 14 तरह का एक्सेस मांगती है जबकि सूचना और प्राद्योगिकी मंत्रालय की एप्लीकेशन मॉयगोव सिर्फ़ 9 फ़ीचर के इस्तेमाल की अनुमति मांगती है.

फ़्रांसीसी सुरक्षा विशेषज्ञ के नमो एप से डाटा अमरीका भेजे जाने का दावा करने के बाद narendramodi.in वेबसाइट की प्राइवेसी सेटिंग्स में बदलाव कर दिया गया है और अब कहा गया है कि यूज़र का कुछ डाटा थर्ड पार्टी एप्लीकेशन के साथ साझा किया जा सकता है ताकि एप्लीकेशन पर यूज़र के अनुभव को बेहतर बनाया जा सके.

वहीं इससे पहले वेबसाइट की प्राइवेसी पॉलिसी के तहत लिखा गया था, “आपकी व्यक्गित जानकारियां और कांटेक्ट डीटेल हमारे पास गोपनीय रहेंगी और हमारे आपसे संपर्क करने के सिवा इसका किसी और उद्देश्य में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. आपकी अनुमति के बिना किसी भी थर्ड पार्टी एप्लीकेशन को आपकी जानकारियां नहीं दी जाएंगी.”

वेबसाइट की नई नीति के तहत यूज़र का नाम, ईमेल, फ़ोन नंबर, डिवाइस के बारे में जानकारी, लोकेशन और नेटवर्क के बारे में जानकारी थर्ड पार्टी को दी जा सकती है.

वहीं भाजपा का कहना है कि थर्ड पार्टी को डाटा वेबसाइट के विश्लेषण आदि के उद्देश्य से भेजा गया है.

वेबसाइट की ओर कहा गया है, “डाटा को किसी भी तरह से थर्ड स्टोर नहीं करती है.  ”

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