Tag: My Story

मेरी कहानी: कुछ देर बाद उसने अपने आंसू पोंछकर मुझे कुछ ऐसा बताया कि मैं सन्न रह गई, मेरे पैरों से मानो ज़मीन खिसक गई

मुझे याद है, तब मैं ऑफिस में काम कर रही थी, एक आदमी अपने बच्चे के साथ ऑफिस में आया, उसे कुछ शेयर्स की वैल्यू जाननी थी। उसके साथ एक छोटा बच्चा भी था, जो पूरी ऑफिस में दौड़भाग कर रहा था। कभी इस चेयर पर बैठता तो कभी दूसरी पर, कभी पेपर उड़ाता तो … Continued

मेरी कहानी: एक वक़्त था जब मैं बस स्टॉप पर सोता था और सड़कों पर बने स्नानगृह में नहा कर इंटरव्यू देने जाता था

“मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में मेरे पिता एक स्क्रीन प्रिंटिंग कंपनी चलाते थे। एक आम परिवार की तरह हमारा जीवन भी सकुशल गुज़र रहा था, परंतु कुछ ही समय में हमारी आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे ख़राब होने लगी और हम निर्धन हो गए। घर के हालात बदलने का नाम ही नहीं ले रहे थे। कुछ वर्षों … Continued

मेरी कहानी: बेटा आजकल तो इंसान एक दूसरे की परवाह नहीं करते हैं पर मैं बूढा हूँ, मैं उस दौर का आदमी हूँ जब इंसानियत ज़िंदा थी

कल मेरी मुलाक़ात 84 साल के छोटेलाल जी से हुई, राजपुर रोड, देहरादून के पास वो कुछ कुत्तों को बिस्कुट खिला रहे थे और दूध पिला रहे थे। उनके दूर से आता देख ही सारे कुत्तों ने प्यार से अपनी पूँछ हिलाना शुरू कर दिया और वो सब छोटेलाल जी के इर्द-गिर्द मंडराने लगे। ऐसा … Continued

मेरी कहानी: तुम जैसी मोटी लड़कियों को वरना कौन घाँस डालता है, फ़िज़ूल का एटीट्यूड दिखाने से अच्छा है चुपचाप अपना नंबर दे दो

“हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ महिलाऐं सिर्फ़ अपने शरीर के लिए जानी जाती हैं, टीवी हो या अख़बार, महिलाओं के शरीर पर ही सारा ध्यान केंद्रित है, उनके फिगर की ही चर्चा है। यह बड़ी दुखद बात है कि यह अब इतना प्रचलित हो चुकी है कि हमें यह सामान्य लगती … Continued

मेरी कहानी: एक ऐसा पल भी था जब मैं अपनी ज़िंदगी को ख़त्म करने के बारे में भी सोचता था

मैं जब स्कूल में था तो पढाई में उतना अच्छा नहीं था, जब आप पढाई में अच्छे नहीं होते हैं तो आपकी शरारतों और नादानियों पर पर्दा नहीं डाला जा सकता। मैं दूसरे बच्चों जैसा पढ़ने में अच्छा नहीं था, शरारती था, इसलिए स्कूल वालों ने 9वीं कक्षा में मुझे वहाँ से निकाल दिया। मुझे … Continued