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मेरी कहानी: उस दिन से मैंने फैसला किया कि मैं किसी भी घायल व्यक्ति को सड़क पर अकेला नहीं छोडूंगा

उस दिन मेरी पत्नी का जन्मदिन था. उसे उसकी माँ के घर पर छोड़कर मैं एजेसी फ्लाईओवर से घर लौट रहा था. अचानक मैंने एक भीड़ देखि जो खड़े हो कर कुछ देख रही थी, मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि वे सब के सब खड़े होकर एक आदमी को देख रहे थे जो बुरी read more

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