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मरने के बाद आपके फेसबुक एकाउंट का क्या होगा?

तर्कसंगत

July 24, 2017

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आजकल हम सभी सोशल मीडिया इस्तेमाल करते हैं फेसबुक, वाट्सअप, इंस्टाग्राम, टवीट्र जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स  पर आप ने अपना अकांउट बनाया होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस व्यक्ति का फेसबुक पर अकाउंट हैं और उसकी मौत हो जाए तो उसके अकाउंट का क्या होता है? क्या आपने कभी सोचा है कि किसी करीबी को, जिसको आपने बहुत दुःख के साथ खो दिया है, उसके पुराने पड़े फेसबुक अकाउंट का आप क्या कर सकते हैं

आपको बताते हैं कि उनके अकाउंट का क्या होता है.

फेसबुक पर अपने अकाउंट की देखरेख के लिए एकलिगेसी कॉन्टैक्टरखना सबसे अच्छा विकल्प होता है. आपका लिगेसी कॉन्टैक्ट आपकी मौत के बाद आपका अकाउंट मैनेज कर सकता है. वो आपकी प्रोफाइल पिक्चर बदल सकते हैं, आपकी टाइमलाइन पर पोस्टपिनकर सकते हैं और फ्रेंड रिक्वेस्ट का जवाब दे सकते हैं. हालांकि उन्हें कुछ पोस्ट करने या आपके मैसेज देखने की इजाज़त नहीं होती है.

फेसबुक मृत लोगों के अकाउंट कोमेमोरियलाइजकर देता है. यानी उनका अकाउंट डिलीट नहीं होता. बल्कि लोग मृत व्यक्ति की यादों को सहेज सकें, इसलिए उनके पोस्ट और तस्वीरें बचाकर रखता है.

मेमोरियलाइज्ड अकाउंट में व्यक्ति के नाम के आगेरिमेंबरिंगजुड़ जाता है. यानी उन्हें याद किया जा रहा है. अगर मृत व्यक्ति ने अपनी टाइमलाइन लोगों के की पोस्ट के लिए खुली रखी हो, तो लोग उनकी टाइमलाइन पर पोस्ट भी कर सकते हैं.

मेमोरियलाइज्ड अकाउंट न हीपीपल यू मे नोयानी फ्रेंड सजेशन में दिखाई पड़ते हैं, न ही उनकी फ्रेंड लिस्ट में मौजूद लोगों को उनके जन्मदिन का नोटिफिकेशन जाता है.

अगर मृत व्यक्ति ने कोई ऐसा पेज बनाया हो जिसका वो इकलौता एडमिन है, तो मौत की खबर मिलते ही वो पेज डिलीट कर दिया जाता है.

अगर मृत व्यक्ति ने कोईलिगेसी कॉन्टैक्टतय किया हो तो वो अकाउंट में बदलाव कर सकता है.

अगर आप चाहते हैं कि मरने के बाद आपका अकाउंट डिलीट हो जाए. तो लिगेसी कॉन्टैक्ट वाले ऑप्शन में जाकररिक्वेस्ट अकाउंट डिलीशनसेलेक्ट कर लें.

फेसबुक को किसी की मौत की खबर कैसे दें?

जब आप लिगेसी कॉन्टैक्ट वाले पेज पर होते हैं, पेज के अंत में फेसबुक आपसे पूछता है कि क्या आप किसी मृत व्यक्ति की जानकारी फेसबुक को देना चाहते हैं. उसपर क्लिक कर आप एक फॉर्म तक पहुंच जाते हैं, जो अकाउंट के मालिक को मृत घोषित करने के पहले आपको भरना पड़ता है.

लेकिन ऐसा नहीं कि किसी को भी आप मृत घोषित करवा दें. मरने वाले व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट अपलोड करना पड़ता है. जिसको वेरीफाई करने के बाद ही फेसबुक उस व्यक्ति को मृत घोषित करेगा.

अच्छी बात यह है कि आपकी मौत के बाद भी फेसबुक किसी भी तरह आपके मैसेज किसी से शेयर नहीं करेगा. ही आपके लॉग इन डिटेल किसी को देगा. फेसबुक की प्राइवेसी पॉलिसी के मुताबिक़ ये गुनाह है. और वो ऐसा बिलकुल नहीं करते.

हमारी तो यही कामना है कि आप सौ साल जिएं और बिलकुल स्वस्थ रहें. लेकिन सचेत रहें, कि आपके या आपके किसी करीबी के साथ कोई अनहोनी हो जाए, तो कोई आपके फेसबुक का गलत इस्तेमाल न कर सके.

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