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विश्व हेपेटाइटिस दिवस: रहें जागरूक, जानलेवा है हैपेटाइटिस !

तर्कसंगत

July 28, 2017

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दुनिया भर में आज विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जा रहा है. इसका मकसद लोगों में बिमारी की रोकथाम, परीक्षण और उपचार के बारे में जागरुक करना हे.

हेपेटाइटिस 5 प्रकार का होते है, हेपेटाइटिस – ए, बी, सी, डी और ई.

हैपेटाइटस के मरीज का लीवर कमजोर पड़ने लगता है जो बाद में जानलेवा हो सकता है.जब लीवर में सूजन आ जाती है या ये क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो इसका कार्य प्रभावित हो सकता है.

इससे डायरिया, भूख कम होना, उल्टियां होना, थकान, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, पेट दर्द, तेज बुखार और पीलिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

हिपेटाइटिस-बी का संक्रमण होने के बाद मरीज़ को ठीक होने में करीब छः महीने का समय लगता है. इसके बाद भी यदि मरीज हिपेटाइटिस-बी पॉजिटिव हो तो इसका मतलब है कि बीमारी गंभीर रूप ले चुकी है और अब यह जीवनभर रहेगी.

गंभीर रूप से संक्रमित होने पर रोगी के लिवर को स्थायी क्षति पहुंचती है.मरीज की लिवर कैंसर की वजह से मृत्यु भी हो सकती है.   

आपको जानकर हैरानी होगी की प्रत्येक वर्ष इस बिमारी से लगभग 14 लाख लोगों की मौत हो जाती है.

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का कहना है कि देश में वायरल हेपेटाइटिस बी एक गंभीर समस्या है. लगभग 40 करोड़ लोग दुनिया भर में हेपेटाइटिस बी और सी से इंफेक्टेड हैं.

संक्रमण की चपेट में आने वाले 90 प्रतिशत शिशुओं को गंभीर हिपेटाइटिस हो जाता है.

हेपेटाइटिस ए वायरस, हेपेटाइटिस बी वायरस के बाद वायरल हेपेटाइटिस का सबसे सामान्य कारण है. कुछ गतिविधियों में शामिल होना, जैसे कि टैटू बनवाना या जाने अनजाने में इंफेक्टिड इंजेक्शन लगवाना या फिर कई सेक्स पार्टनर होने के कारण भी हेपेटाइटिस विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है.

संक्रमण होने के बाद शुरुआती संकेत ये हो सकते हैंभूख कम होना, कम परिश्रम पर अधिक थकान मससूस करना, बारबार बुखार होना, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द रहना, मितली आना, उल्टियां, त्वचा पर पीलापन, डार्क यूरिन, लाइट स्टूजल, पीलिया आदि शामिल हैं.

हेपेटाइटिस को रोकने के उपाय

टीका लगवाएं : हेपेटाइटिस ए और बी टीके बहुत प्रभावी होते हैं और इन्हें अलग इंजेक्शन से लगाना चाहिए. अपने डॉक्टर से सलाह करें और किसी भी इंफेक्शन से बचने के लिए समय पर वैक्सीन लगवाना बेहतर होता है.

हाथ धोने की आदत : यह सुनिश्चित करें कि परिवार में हर कोई बाथरूम जाने (या डायपर बदलने) के बाद और भोजन करने से पहले हाथ धोए.

किसी अन्य के रक्त संपर्क से बचें : रक्त का कोई भी संपर्क हेपेटाइटिस बी और सी को प्रसारित कर सकता है. इसलिए अगर आप इसके संपर्क में आते हैं तो अच्छी तरह से हाथ धो लें.

टैटू से सावधान रहें : किसी पेशेवर द्वारा ही टैटू गुदवाएं. सुइयों और टैटू से हेपेटाइटिस होने का डर रहता है.

सुरक्षित सेक्स : उचित गर्भनिरोधक विकल्प का उपयोग करें. यौन साथी अधिक होने पर हेपेटाइटिस इंफेक्शहन की आशंका बढ़ जाती है.


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