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#WorldTigerDay: जानें राष्ट्रीय पशु बाघ से जुड़ी रोचक जानकारियां

तर्कसंगत

July 29, 2017

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अवैध शिकार और वनों के नष्ट होने के कारण विभिन्न देशों में बाघों की संख्या में काफी कमी आई. बाघों के संरक्षण और उनकी स्थिति के बारे में विश्व में जागरूकता करने के लिए प्रत्येक वर्ष 29 जुलाई को सम्पूर्ण विश्व मेंबाघ दिवस’ मनाया जाता है.

वर्ष 2010 में सेंट पीटर्सबर्ग में बाघ सम्मलेन में इस दिवस को मनाने का निर्णय लिया गया. इसेअंतरराष्ट्रीय बाघदिवस के नाम से भी जाना जाता है. 

इनके संरक्षण के लिए कई देश मुहिम चला रहे हैं, लेकिन फिर भी पर्यावरणविदों का मानना है कि यदि इनकी संख्या घटने की रफ्तार ऐसी रही तो आने वाले एकदो दशक में बाघ का नामो निशान इस धरती से मिट जाएगा.

एक समय था जब बाघ की लगभग 11 प्रजातियां पाई जाती थीं जिसमें से ट्राइनिल और जापानी दो प्रजातियां प्रागैतिहासिक काल में ही विलुप्त हो गई थीं.

बीसवीं सदी में इसमें से तीन और प्रजातियां बाली टाइगर, कैस्पियन टाइगर और जैवन टाइगर विलुप्त हो गईं. फिलहाल दुनिया में बाघ की 6 प्रजातियां अभी भी पाई जाती हैं.

आइये जानते हैं बाघों से जुड़े कुछ दिलचस्प बातें:

बाघ के पैर बहुत मजबूत होते हैं, जिस वजह से उसे शिकार करने में मदद मिलती है. लेकिन क्या आपको पता है कि बाघ के पैर इतने मजबूत होते हैं कि वो मरने के बाद भी खड़ा रह सकता है.

यदि आप सीधे सीधे बाघ की आंखों में देखेंगे तो वह आप पर हमला करने से पहले सोचेगा। या हो सकता है वह अपना इरादा बदल दे. तो जनाब, अगली बार बाघ से सामना हो तो आप यह ट्राई करें. 

बाघ अपने जन्म के एक हफ्ते तक देख नहीं सकते. वह अंधे होते हैं. वहीं, आधे से ज्यादा बाघ युवास्था में ही मर जाते हैं.

बाघ पांच मीटर तक की ऊंचाई कूद सकता है. वही, वह छह मीटर तक की चौड़ाई भी आराम से फांद सकता है.

बाघ का वजन 300 किलो तक का होता है. वहीं, क्या आपको पता है कि बाघ का दिमाग 300 ग्राम तक का होता है.

बाघ शानदार तैराक होते हैं. जी हां, बाघ 6 किलोमीटर तक की दूरी आराम से तैर सकते हैं. मतलब, पानी में भी बच कर रहे.

बाघों के दांत अति महत्वपूर्ण होते हैं. यहां तक की बाघों के श्वदंत या कैनाइन, जिससे वह अपने शिकार का चीड़ फाड़ करते हैं, यदि यह दांत टूट जाए तो बाघ की जिंदगी तक जा सकती है.

एकएक बंगाल टाइगर की दहाड़ रात में 2 किलोमीटर तक की दूरी पर भी सुनाई दे सकती है. तो, इनकी गरज से भी बचकर रहने की जरूरत है.


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