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झारखंडः भीड़ ने युवक को नंगा करके पीटा, वीडियो वायरल

तर्कसंगत

August 2, 2017

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सोशल मीडिया पर झारखंड के बोकारो ज़िले में एक मुस्लिम युवक पर हुए भीड़ के हमले के वीडियो वायरल हो रहे हैं.

वीडियो में कई लोग मोहम्मद शाकिर को नंगा करके पीटते हुए दिख रहे हैं जबकि भीड़ तमाशा देख रही है.

बोकारो पुलिस ने शाकिर को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर अस्पताल में भर्ती कराया है जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.

बोकारो की पुलिस उपाधीक्षक पूनम मिंज ने तर्कसंगत को बताया है कि शाकिर को एक हिंदू लड़की के साथ देखे जाने पर भीड़ ने उस पर ये हमला किया है.

पूनम के मुताबिक पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही शाकिर को बुरी तरह पीटा जा चुका था और पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया.

पुलिस के मुताबिक अभी तक एक व्यक्ति को गिरफ़्तार कर लिया गया है जबकि कई अन्य की वीडियो के ज़रिए पहचान कर ली गई है.

पुलिस ने हमले के सिसलिसे में क़त्ल के प्रयास का मामला दर्ज किया है.

झारखंड में युवक की पिटाई

शाकिर के रिश्ते के भाई मोहम्मद मेजाज़ ने तर्कसंगत को बताया है कि उनके इलाके में हाल के महीनों में हिंदूवादी संगठनों की सक्रियता बढ़ी है और शाकिर पर हुआ हमला नफ़रत से प्रेरित हो सकता है.

मेज़ाज़ का कहना है कि हमलावरों ने ख़ुद को पुलिस कार्रवाई से बचाने के लिए लड़की से छेड़छाड़ की बात कही है ताकि पीड़ित पक्ष जवाबी मुक़दमे से डर जाए और समझौता कर ले.

वहीं पुलिस का कहना है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है और डीआईजी की मानिटरिंग में इसकी जांच की जा रही है.

भारत में हाल के महीनों में भीड़ के हमलों की कई वारदातें हुई हैं. इनमें से अधिकतर में पीड़ित अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय से ही हैं.

जून महीने में दिल्ली के जंतर-मंतर पर भीड़ की हिंसा के ख़िलाफ़ व्यापक प्रदर्शन हुए थे.

झारखंड में हमला

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने एक बयान में भीड़ के हमलों पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए कहा था कि किसी को भी क़ानून हाथ में लेने की इजाज़त नहीं दी जा सकती है.

मोहम्मद शाकिर पर हुआ हमला भीड़ के हमलों की कड़ी में एक और हमला है.

सबसे शर्मनाक बात ये है कि एक और जहां लोग एक अकेले इंसान को बेरहमी से पीट रहे थे वहीं बाकी लोग सिर्फ़ तमाशबीन बने रहे.

यदि पुलिस समय रहते नहीं पहुंचती तो शाकिर का नाम भी भीड़ के हाथों मारे जाने वाले लोगों की सूची में शामिल हो जाता.

अफ़सोस की बात ये है कि ये सूची लगातार बढ़ती जा रही है और सरकार ऐसे हमलों को रोकने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है.


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