मेरी कहानी

नौकरी छोड़कर मैंने डांस किया और लगा कि शुरुआत के लिए कभी देर नहीं होती

तर्कसंगत

August 10, 2017

SHARES

अपने माता पिता को खो देने का बाद से मेरा भाई ही मेरी पूरी दुनिया है. जब हम स्कूल में थे तब ही हमारे मातापिता का देहांत हो गया था. तब हम ही एकदूसरे के लिए पूरा परिवार हैं. मांबाप को खोने के बाद हमारे मामामामी ने हमें बहुत सहारा दिया. उन्होंने हमें शिक्षा हासिल करने में मदद की.

मैं अपने भाई के साथ रहती हूं और वो मुझे बहुत अच्छी तरह समझता हैं. एक बार हम एक शादी में जाने की तैयारी कर रहे थे. हमारे सभी रिश्तेदार और रिश्ते के भाई बहन भी उस शादी में आ रहे थे. उस दिन मैंने अपने मम्मीपापा को बहुत मिस किया और सोचा कि काश वो  भी हमारे साथ होते.

मेरे भाई ने मेरा हाथ पकड़ा और कहा कि वो हमेशा हमारे साथ हैं, अब तुम मुस्कुराओ. उसने मुझे याद दिलाया कि मेरे पापा को मेरे आंसू बिलकुल पसंद नहीं थे और मैं जब भी रोती थी तो वो गुदगुदी करते थे.

उनके जाने के बाद ज़िंदगी की यही छोटीछोटी खुशियां हैं जो हम मिस करते हैं. मैं हमेशा सोचती हूं कि काश जब वो हमारे साथ थे तब मेंने उन्हें बताया होता कि मैं उन्हें कितना प्यार करती हूं.

मैंने तीन साल तक एक कंपनी में काम किया और वहां बहुत कुछ सीखा. मुझे वहां बहुत ज्ञान और अनुभव मिला लेकिन मैंने महसूस किया कि मैं अपनी नौकरी से ख़ुश नहीं हूं.

कभी कभी हम अपने खर्च पूरा करने के लिए ऐसी नौकरी कर लेते हैं जिसमें हमें पैसा तो मिलता है लेकिन दिल को सुकून नहीं मिलता.

मैं अपनी नौकरी करती रही और इसी दौरान मैं अपनी एक दोस्त की बहन को डांस क्लास से लेने के लिए जाने लगी.

जब मैं संगीत की धुन सुनती तो मेरे पैर  अपने आप थिरकने लगते. एक बार मैं जानबूझकर उसे लेने के लिए थोड़ा जल्दी पहुंच गई और उसके ट्रेनर से मुलाकात की. मैंने उनसे पूछा कि क्या मैं भी डांस क्लास से जुड़ सकती हूं और उन्होंने कहा कि हां, ज़रूर.

उस पल मुझे इतना अच्छा लगा कि मैंने तय कर लिया कि अब नौकरी छोड़नी है और डांस सीखना है. और अब मैं फुल टाइम डांस पर ही ध्यान लगा रही हूं. मेरा अभी तक का सफर बहुत शानदार रहा हूं,

मुझे याद है जब मैं बचपन में बच्चों का डांस सीखते हुए देखती थी तो मेरा बहुत मन करता था कि मैं भी सीखूं लेकिन उस समय हमारे पास इतने पैसे नहीं थे कि हम पूरी फीस भर सकें.

शुरुआत में मुझे झिझक भी थी लेकिन फिर मैंने खुद को समझाया कि कभी नहीं से बेहतर है कि शुरुआत हो, भले थोड़ा देर से ही हो.

हमें सिर्फ़ एक ही ज़िंदगी मिलती है तो क्यों न उसे पूरी तरह जिया जाए. मैं अब एक कोरियोग्राफर बनना चाहती हूं और मुझे उम्मीद है कि इसके लिए मुझे शो और प्लेटफार्म मिलेंगे.

कुछ दिन पहले ही हमें रणबीर कपूर के साथ डांस आउट ऑफ़ पावर्टी इवेंट में डांस करने का मौका मिला. ये मेरी ज़िंदगी का सबसे अच्छा दिन था.

डांस ने मुझे बहुत से दोस्त और बहुत अच्छी यादें दी हैं. मेरे भाई ने नौकरी छोड़कर डांस करने के मेरे फैसले में मेरा साथ दिया था. ये उसका मेरे लिए सबसे बड़ा गिफ्ट था.


Contributors

Edited by :

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...