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बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के नहीं होगा वाहन का इंश्यूरेंस

तर्कसंगत

August 11, 2017

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सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के बीमा कंपनियां किसी भी वाहन का बीमा न करें.

वायू प्रदूषण को कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को और भी दिशा निर्देश जारी किए हैं.

जस्टिस एमबी लोकुर की अध्यक्षता की बैंच ने केंद्रीय परिवहन मंत्रालय से कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक महीने के भीतर सभी पेट्रोल पंपों पर वाहनों की प्रदूषण जांच की व्यवस्था भी की जाए.

ये प्रदूषण जांच केंद्र सुनिश्चित करेंगे कि वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण सीमा के भीतर है या नहीं.

सर्वोच्च अदालत ने ये भी कहा कि प्रदूषण जांच केंद्रों की नियमति जांच भी होनी चाहिए.

अदालत ने सरकार को देशभर के सभी वाहनों का डाटाबेस तैयार करने के लिए भी चार हफ्तों का समय दिया है.

भारत में प्रदूषण एक बड़ी समस्या है. बीते साल दिल्ली में प्रदूषण इस ख़तरनाक स्तर तक पहुंच गया था कि लोगों को सांस होने में दिक्कत होने लगी थी.

दिल्ली सरकार को प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए आपात आदेश जारी करने पड़े थे.

दिल्ली सरकार ने ट्रैफ़िक और प्रदूषण की समस्या से निबटने के लिए ऑड-ईविन रजिस्ट्रेशन नंबर का फॉर्मूला भी आज़मा कर देखा था.

साल 2015 में भारत में वायू प्रदूषण के कारण करीब 11 लाख लोगों की मौत हुई थी.

भारत एक तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और यहां निजी वाहनों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है.

ऐसे में लगातार बढ़ रहा वायू प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर ख़तरे पैदा कर रहा है.

वायू प्रदूषण बढ़ाने में वाहनों से निकलने वाले धुएं की बड़ी भूमिका है.


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