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बाढ़ से त्रस्त असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में 225 जानवरों की हुई मौत

तर्कसंगत

August 21, 2017

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असम में बाढ़ का कहर लगातार जनजीवन को प्रभावित कर रहा है साथ ही ये जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है.

बाढ़ के पानी में मशहूर काजीरंगा नेशनल पार्क भी डूब गया जिसमें कम से कम 225 जानवरों के मौत की खबर है जबकि सैकड़ों जानवर यहां से भागने पर मजबूर हुए हैं.

काजीरंगा नेशनल पार्क का 30 फीसदी हिस्सा अभी भी जलमग्न है.

जानकारी के मुताबिक मृत जानवरों में 15 गैंडे, चार हाथी ,एक चीता, एक रॉयल बंगाल टाइगर और 185 हिरण शामिल हैं. 

पार्क के निदेशक सत्येंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि जानवरों के शव बाढ़ के पानी में तैरते हुए जहां तहां दिख रहे हैं जो दिल को चोट पहुंचाने वाला दृश्य है.

उन्होंने आगे बताया कि बाढ़ का पानी अब धीरेधीरे कम हो रहा है जबकि अगस्त माह के शुरुआती दौर में बाढ़ की लहर से पार्क का 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा डूब गया था. हालांकि अभी इसके पूरी तरह से खत्म होने में समय लगेगा.

पार्क के गॉर्ड, एनजीओ कार्यकर्ता और वन विभाग के कर्मचारी  लगातार पेट्रोलिंग करके पार्क में फंसे जानवरों को बचा रहे हैं.

इससे पहले 2012 में आई बाढ़ में काजीरंगा नेशनल पार्क में 793 वन्यपशुओं की मौत हो गई थी जबकि पिछले साल 503 वन्यपशु बाढ़ की भेंट चढ़ गए थे.

आपको बता दें कि राज्य के कुल 32 जिलों में से 24 में करीब 33 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

असम में इस साल बाढ़ से कुल 150 लोगों की मौत हो चुकी है.

रिपोर्ट के अनुसार असम के 2,970 गांवों में बाढ़ का पानी घुसा है. बाढ़ के चलते 1.43 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है.

असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार अथॉरिटीज ने 304 राहत कैंप लगाए हैं, 21 जिलों में वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं. राहत कैंपों में कुल1,38,648 लोगों ने शरण ली है.

बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में मकान और सरकारी इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, तटबंध टूट गए हैं, सड़कें धंस गई हैं और पुल बह गए हैं. राज्य में ब्रह्मपुत्र और इसकी उपनदियां बाढ़ के खतरे के निशान के ऊपर बहने की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं.

PC.- AP Photo/Uttam Saikia


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