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रोहिंग्या मुसलमानः आख़िर म्यांमार में चल क्या रहा है

तर्कसंगत

August 31, 2017

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करीब पांच करोड़ दस लाख की आबादी वाले म्यांमार में दस लाख से कुछ अधिक रोहिंग्या लोग रहते हैं जो रख़ाइन (अराकान) प्रांत में रहते हैं.

म्यांमार में रोहिंग्या दूसरे दर्जे के नागरिक हैं और उनके अधिकार बेहद सीमित हैं. सरकार या प्रशासन में इनकी कोई हिस्सेदारी नहीं हैं. ये म्यांमार के सबसे ग़रीब लोग हैं.

बीते कई दिनों से आप अपनी सोशल मीडिया फ़ीड में म्यांमार के रोहिंग्या लोगों की तस्वीरें या वीडियो देख रहे हैं.

दरअसल बीते सप्ताह शुक्रवार को एक रोहिंग्या चरमपंथी रोहिंग्या संगठन ने पुलिस थानों पर हमले किए थे जिसके बाद से म्यांमार की सेना और बौद्ध भिक्षु रोहिंग्या लोगों के गांव जला रहे हैं.

इन हमलों में म्यांमार के १२ सैनिक मारे गए थे. म्यांमार की सरकारी मीडिया के मुताबिक चरमपंथियों के हमलों के बाद से ११० लोग मारे जा चुके हैं.

मीडिया में आ रही रिपोर्टों में रोहिंग्या लोगों के पूरे के पूरे गांव आग में घिरे दिख रहे हैं. सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कुछ वीडियो में रोहिंग्या बच्चों और महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता हुआ दिखाया गया है.

प्रवासियों के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठन (आईओएम) के मुताबिक बीते एक सप्ताह में 18500 से अधिक रोहिंग्या घर छोड़कर भागे हैं.

बांग्लादेश ने किया रास्ता बंद

म्यांमार कहता रहा है कि रोहिंग्या लोग बांग्लादेशी हैं जबकि बांग्लादेश इन्हें म्यांमार के लोग बताता रहा है. रोहिंग्या बांग्लादेश में घुसने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन बांग्लादेशी सुरक्षा बल उन्हें वापस म्यांमार में धकेल रहे हैं, जहां वो म्यांमार की सेना की बंदूकों के निशाने पर हैं.

बेहद मुश्किल हालात में भाग रहे हैं रोहिंग्या

आईओएम के मुताबिक हज़ारों रोहिंग्या बांग्लादेश पहुंचने में कामयाब रहे हैं वहीं हज़ारों रोहिंग्या अभी भी म्यांमार की सेना और बांग्लादेश सीमा के बीच फंसे हैं. ये लोग तीन दिनों से भूखें हैं.

भाग रहे रोहिंग्या लोग अपने साथ अपना सामना भी नहीं ले जा पा रहे हैं. रिपोर्टों के मुताबिक भाग रहे कोई लोगों की मौत रास्ते में ही हो गई है.

#Watch: Weekly #EnglishNews 30 August 2017

#Watch: Weekly #EnglishNews 30 August 2017#Rohingya Villages and civilians are under massive fire and are in run, looking for a safe shelter from their own villages to the Border of Bangladesh, where they are also restricted to cross the border by both Border security forces, reports our correspondents from different burned down villageshttps://www.youtube.com/watch?v=RomaguePZOU

Nai-post ni Rohingya Vision noong Miyerkules, Agosto 30, 2017

अपनी जान बचाने के लिए रोहिंग्या लोग बेहद मुश्किल हालात में बांग्लादेश की ओर भाग रहे हैं लेकिन यहां से भी उन्हें वापस लौटाया जा रहा हैफिलहाल जो अराकान में हो रहा है वो रोहिंग्या लोगों पर हाल के सालों का सबसे बड़ा संकट है. म्यांमार इन लोगों को अपना नागरिक नहीं मानता है और इनसे पीछा छुड़ाना चाहता है.

दर बदर हैं रोहिंग्या लोग

रोहिंग्या लोगों को दुनिया के सबसे प्रताड़ित प्रवासी भी कहा जाता है. करीब चार लोख रोहिंग्या सऊदी अरब में रहते हैं, बांग्लादेश में इन प्रवासियों की संख्या तीन से पांच लाख के बीच है जबकि दो लाख रोहिंग्या पाकिस्तान में रहते हैं. मलेशिया में भी एक लाख के करीब रोहिंग्या प्रवासी हैं. भारत में रोहिंग्या प्रवासियों की संख्या क़रीब चालीस हज़ार हैं.

भारत में रह रहे अधिकतर रोहिंग्या लोग बांग्लादेश के रास्ते भारत में आए हैं. भारत सरकार ने हाल ही में रोहिंग्या लोगों को वापस भेजने का फ़ैसला लिया है लेकिन इन्हें कैसे और कहां भेजा जाएगा अभी ये तय नहीं हैं.

क्या कर रहा है संयुक्त राष्ट्र

ब्रिटेन के आग्रह पर बुधवार को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाकर रोहिंग्या मुद्दे पर चर्चा की  गई है लेकिन कोई साझा बयान जारी नहीं हुआ है.

संयुक्त राष्ट्र के पूर्व प्रमुख कोफी अन्नान की अध्यक्षता में रख़ाइन प्रांत में रोहिंग्या लोगों के साथ व्यवहार पर आने वाली बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट के कुछ घंटों बाद ही म्यांमार में ये नहीं हिंसा शुरू हुई है.

इस रिपोर्ट में कहा गया था कि रखाइन के यही हालात बरक़रार नहीं रहने दिए जा सकते हैं. इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि यदि ठोस हस्तक्षेप नहीं किया गया तो यहां के हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं.

Source: CNN, BBC, TRT


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