मेरी कहानी

मैं सात साल की उम्र से गैराज में काम कर रहा हूं, मैं कारों के अलावा कुछ भी नहीं जानता

Poonam

September 20, 2017

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मैं सिर्फ़ सात साल का था जब मैंने काम करना शुरू कर दिया था. मैं कारों पर पोंछा लगाता और कारीगरों के लिए चाय लेकर आता.

मुझे हमेशा से ही कारों से प्यार था. इसलिए कारों के इर्द गिर्द रहना ही मुझे खुशी देता था. बहुत से लोग ऐसा सोच सकते हैं कि मेरा बचपन बहुत मुश्किल रहा होगा लेकिन सच बात ये है कि मैं उन दिनों में भी बहुत ख़ुश था.

मैं देर तक काम करता. धीरे-धीरे गैराज में मेरा क़द बढ़ता चला गया. आज मैं उस गैराज का मैनेजर हूं. मैं अपने बॉस के साथ मिलकर पुरानी कारें ख़रीदने बेचने का व्यापार भी कर रहा हूं.

लेकिन मैं सोचता हूं कि मुझे अभी भी बहुत कुछ सीखना है और बहुत आगे जाना है.

हालांकि आज मैं इस मुकाम पर हूं लेकिन मैं ये नहीं भूला हूं कि मेरी जड़ें कहां हैं और मैं कहां से आया हूं.

मैं पूरी ज़िंदगी गाड़ियों के इर्द गिर्द ही रहा हूं. कारों के अलावा मैं कुछ भी नहीं जानता हूं. मैं जब खाली होता हूं तो अपनी बाइक लेकर इधर उधर घूमता हूं और यदि कोई ज़रूरतमंद मिलता है तो उसकी जो संभव हो मदद करता हूं

बुज़ुर्गों या ज़रूरत में फंसे लोगों को उनके गंत्व्य स्थान तक भी पहुंचाता हूं.

मैं जब सिर्फ़ सात साल का था तबसे ये समाज मुझे अपना समझ कर पाल रहा है. जब मुझे ज़रूरत थी तब लोगों ने मेरी बहुत मदद की इसलिए अब जितनी संभव होता है मैं लोगों की मदद करता हूं. यही जीवन का चक्र है. इसी से जीवन स्थिरता से चल रहा है.

“I started working when I was 7 years old — I used to clean cars and bring the workers chai. I always loved cars, so…

Nai-post ni Humans of Bombay noong Martes, Setyembre 19, 2017

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