मेरी कहानी

मेरी कहानी : जिंदगी कितनी ही मुश्किल क्यों न हो जाए हमें कभी भी हार नहीं माननी चाहिए.

तर्कसंगत

September 25, 2017

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रुद्रो के माता-पिता अगले दिन को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे खासकर मां तो बहुत ही परेशान रहती थी. रूद्रो इस बात को अच्छी तरह समझता था कि घर में खाने को कुछ भी नहीं है लेकिन वो अपने माता-पिता को समझाता रहता था कि परेशान होने की जरूरत नहीं है, सब ठीक हो जाएगा. इसी तरह वो अपनी मां को भरोसा दिया करता था.

रुद्रो के पिता जो बहुत ही दृढ़ व्यक्तित्व के इंसान हैं उन्होंने रुद्र को बहुत ही अच्छी बातें सिखायी और बताया कि जिंदगी कितनी ही मुश्किल क्यों न हो जाए हमें कभी भी हार नहीं माननी चाहिए. रुद्रो की मुश्किलें तब ज्यादा बढ़ने लगी जब वो 5वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था और उसके पापा को दिल का दौरा पड़ा. शुरुआत में तो उसके पापा बिल्कुल भी बात नहीं कर सकते थे और न ही चलने लायक थे. इन परेशानियों के बावजूद रूद्रो के कदम लड़खड़ाये नहीं और वो लगातार मेहनत करता रहा. कई दिनों तक भूखे रहकर भी रूद्रो अपनी पढ़ाई करता रहा और लगातार क्लास में अव्वल रहा. रुद्रो की मेहनत देखकर उसके पापा की आंखें खुशी से नम हो जाती थी. बीतते वक्त के साथ रुद्रो के पापा के सेहत में थोड़ी सुधार तो हुई लेकिन अब भी वो ठीक से चल नहीं पाते थे. चलने के वक्त उन्हें थोड़ी पीड़ा होती थी और सहारे की जरुरत भी पड़ती थी. रुद्रो उन्हें हमेशा समझाता रहता था कि उन्हें हार नहीं माननी चाहिए.

रुद्रो के लिए ये वाकई में एक दुख की घड़ी थी क्योंकि परेशानियां लगातार बढ़ती ही जा रही थी. रुद्रो की छोटी बहन अदिती को शहर में किसी और परिवार के साथ रहने के लिए जाना पड़ा जिससे रुद्रो बहुत दुखी हो गया और जिंदगी से लड़ने की उसकी जिद जाती रही. लेकिन ऐसी घड़ी में रुद्रो की बहन ने उसका ढाढ़स बढ़ाया और उससे विश्वास दिलाया की एक दिन वो जरुर वापस आयेगी.

पिछले 2 सालों से रुद्रो की पढ़ाई की सारी जिम्मेदारी जीएमबी आकाश ने संभाल रखी है. आपको बता दें की आकाश पेशे से एक फोटोग्राफर हैं और लगातार वो ऐसी कहानी लिखते हैं जो समाज का हिस्सा होते हुए भी अनछुए हैं. कुछ दिनों पहले ही आकाश और उनके कुछ फेसबुक के मित्रों ने मिलकर रुद्रो के परिवार को एक गाय और बछड़ा खरीदकर दिया है. गाय 3 किलो दूध रोज़ाना देती है जिससे उनके कुछ खर्चे निकल जायेंगे और सब ठीक रहा तो शायद जल्दी ही उनकी छोटी बेटी भी घर वापस आ जाएगी. आकाश ने गाय के लिए एक गौशाला भी बनवा दिया.

रुद्रो और उसके माता-पिता के लिए इस वक्त आकाश और उनके दोस्त किसी फरिस्ते जैसे हैं. उनसे ये उपहार पाकर वो खुशी से फूले न समाये और उनके आंखों में आंसू आ गये. आकाश के लिए भी ये क्षण बेहद मार्मिक और दिल को छू जाने वाला था. रुद्रो के परिवार ने उनका धन्यवाद देते हुए ये वादा किया की वो गाय और बछड़े का बहुत ख्याल रखेंगे और खुद की जिंदगी को भी संवारेंगे.

Story and Pic Courtesy- GMB Akash


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