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मदुरै में परंपरा के नाम पर ज्यादती, मंदिर में 15 दिनों तक लड़कियों को रखा जाता है टॉपलेस

तर्कसंगत

September 27, 2017

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सदियों से चली आ रही हिन्दू कुप्रथाओं से लड़ने के लिए और महिलाओं की स्थिति को मजबुत बनाने में राजा रामा मोहन राय की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही. आज जब पूरा देश पुण्यतिथि पर उन्हें याद कर रहा है ऐसे में मदुरै की ये खबर हमें बताती है की आज भी हमारे समाज में अंधविश्वास और कुप्रथा है जिसे बदलने के लिए फिर किसी राजा राम मोहन राया की जरुरत है.

हमारे समाज में अलगअलग रीतिरिवाज और परंपराएं है लेकिन मदुरै में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया जहां के एक मंदिर में 15 दिनों तक लड़कियों को बिना कपड़ों के रहना होता है. लड़कियों को देवी के रूप में आभूषणों से सजाया जाता है, लेकिन उनके शरीर के ऊपरी हिस्से पर कोई कपड़ा नहीं होता. रीतिरिवाज के नाम पर 15 दिनों तक 7 या उससे ज्यादा लड़कियों को देवी के रूप में सजाया जाता है और पुजारी की देखरेख में मंदिर प्रांगण में रखा जाता है.

दरअसल ये परंपरा काफी पुरानी है और मदुरै में सालों से चली आ रही है, जहां लड़कियों को देवी की तरह सजाते हैं, उनको गहनों से श्रिंगार करते हैं. इस मामले में सबसे हैरान करने वाला पहलू ये है की गांववाले स्वेच्छा से अपने घर की बेटियों को मंदिर भेजते हैं.

हालांकि इस बार प्रशासन ने थोड़ी सख्ती दिखाते हुए लड़कियों को पूरा बदन ढकने का आदेश दिया है. ताकि इस हालत में उनके साथ किसी प्रकार की छेड़खानी न हो सके.

लेकिन एक सवाल ये कि आधुनिकता की ओर अग्रसर भारत में क्या परंपराओं को ढोना आवश्यक हैं क्योंकि अगर संविधान में संशोधन हो सकता है तो परंपराओं में क्यों नहीं ?

PC- Daily Bhaskar


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