मेरी कहानी

मेरी कहानी: मुझे यहां रहना बहुत पसंद है क्योंकि हमलोग सुख-शांति और प्यार से रहते हैं

तर्कसंगत

October 4, 2017

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मै पिछले 12 सालों से मीरा रोड पर रह रहा हूं. मैं एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हूं, इसलिए नौकरी में हमेशा भागदौड़ लगी रहती थी और सक्रीय रहना पड़ता था. रिटायर होने के बाद भी खाली नहीं बैठ सकता हूं. इसलिए यहां मीरा रोड पर मैं अपने बेटे का काम देखता हूं. मेरा बेटा अख़बार और पत्रिका बेचने का काम करता है. वैसे मैं स्वस्थ तरीके से जीवन जीने में विश्वास रखता हूं. हर दिन मैं समय निकालकर कुछ घंटे मेडिटेशन करता हूं. 24 घंटे में बस एक बार सुबह नास्ता करता हूं और रात का खाना खाता हूं, इस बीच मुझे कुछ भी खाना पसंद नहीं है. मैने अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी सिगरेट और दारू को हाथ नहीं लगाया.

मै बहुत कम ट्रैवल करता हूं क्योंकि मेरा बेटा बाहर विदेश में रहता है. हालांकि विदेशों में गंदगी नहीं होती और खुबसुरती भी बहुत होती है लेकिन वो घर नहीं है. असल में घर तो यहां है जहां एक समाज बसता है जहां लोग सुख और दुख की घड़ी में भी साथ होते हैं, जैसे एक पूरा परिवार हो. मुझे यहां रहना बहुत पसंद है क्योंकि हमलोग सुखशांति और प्यार से रहते हैं. कभी-कभी नौजवान आपस में झगड़ा कर लेते हैं लेकिन बीच बचाव करके मामले को प्यार से सुलझा लिया जाता है. हमलोगों ने मिलकर इस बड़े शहर में एक छोटा कस्बा बना लिया है जहां हम साथसाथ हर पर्वत्योहार को मिलजुलकर बड़ी खुशी से मनाते हैं. चाहे धर्म कोई भी हो सब एकदूसरे के साथ मिलकर ही खुशियां और गम बांटते हैं. आप यहां पायेंगे की हिंदु, मुस्लिम, पारसी, पंजाबी सभी मिलकर काम करते हैं और दोपहर की चाय एक साथ पीते हैं. वहीं जब बारिश से मुंबई डूब रही थी तब हमारे यहां जो उपरी मंजील वालों ने खुले दिल से ग्राउंड फ्लोर वालों को अपने घरों में रहने को दिया. यही तो वजह है की मैं मीरा रोड को इतना पसंद करता हूं और इन्हीं वजहों से अपना घर,मिट्टी औऱ जमीन कुछ खास होती है. अगर कुछ इसी तरह से हम सब ऐसे ही प्यार, शांति औऱ मिलाप से रहें तो शायद दुनिया में शांति की पहल की जा सकती है. इसकी शुरुआत बस एक ही तरीके से हो सकती है कि हम कैसे अपने पड़ोसियों और समाज के साथ व्यवहार रखते हैं.

Story- Humans of Bombay


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