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राजस्थान के सीकर में अब नवविवाहित जोडे़ सात नहीं आठ फेरे लेंगे

तर्कसंगत

October 11, 2017

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भारतीय परंपरा के अनुसार हिन्दू रीति रिवाज से विवाह करने पर पति पत्नी सात जन्म तक एक दूसरे का साथ निभाने का वादा करते हैं और सात वचन लेते हैं. लेकिन अब आठवां वचन भी होगा और वो है बेटियों की रक्षा का संकल्प।

राजस्थान के सीकर में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत एक अनोखी पहल की गई है जिसका श्रेय जाता है वहां के डीएम नरेश ठकराल को. स्थानीय पंडितों और पुरोहितों के साथ मिलकर नरेश ठकराल ने इस मुहिम की शुरूआत की है. नरेश ठकराल ने इस अभियान को धार्मिक आस्‍था से जोड़कर और भी सफल बनाने की कवायद शुरू की है.

डीएम ने सीकर जिले के सभी विवाह सम्‍पन्‍न कराने वाले पंडित पुरोहितों के साथ बैठक की. उन्होंने पंडितों को सुझाव दिया कि वो जब विवाह करवाने जाएं तो दूल्हा दुल्हन से आठ संकल्प करवाएं. सात संकल्प तो पारंपरिक होंगे और आठवां ये कि वो दंपत्ति कभी कन्या भ्रूण हत्या नहीं करेगा.

पंडितों ने भी डीएम की इस पहल को सराहा और इसका स्वागत किया है. पंडितों ने कहा है कि वो हर नवविवाहित जोड़े से बेटी बचाने बेटी पढाने तथा कन्‍या भ्रणू हत्‍या नही करने का संकल्प करवाएंगे.

उम्मीद की जानी चाहिए कि कन्याभ्रूण हत्या को रोकने के मिशन को धार्मिक आस्था से जोड़ने से अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे और बेटियों की रक्षा की मुहिम रंग लाएगी. उम्मीद की जा सकती है की कोख में कत्‍ल की जानी वाली बेटियों को भी इस दुनिया के रंग देखने का अवसर हासिल हो सकेगा और बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान को भी पंख लगेंगे.

PC- eenaduindia.com


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