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दिवाली के बाद बढ़ गया दिल्ली में प्रदूषण, 2015 में दुनियाभर में हुईं 90 लाख असमय मौतें

तर्कसंगत

October 20, 2017

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दीवाली के बाद भारत की राजधानी दिल्ली के कई इलाक़ों में प्रदूषण की मात्रा ख़तरनाक स्तर से दस गुणा तक ज़्यादा दर्ज की गई है.

दिल्ली प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड के डाटा के मुताबिक शुक्रवार सुबह दिल्ली के कई इलाक़ों में वायु में प्रदूषण कण पीएम2.5 की मात्रा एक हज़ार प्रति नैनो क्यूबिकमीटर तक थी.

पीएम 205 की 300 से ऊपर की मात्रा को बेहद ख़तरनाक माना जाता है.

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में वायु प्रदूषण रोकने के लिए पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था.

बावजूद इसके दिल्ली के कई इलाक़ों में काफ़ी आतिशबाज़ी की गई.

इसी बीच आई एक अंतरराष्ट्रीय शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर में साल 2015 में 90 लाख असमय मौतें प्रदूषण की वजह से हुईं थीं.

इसमें भी वायु प्रदूषण की वजह से हुईं असमय मौतों की संख्या सबसे ज़्यादा थी.

लांसेट मेडिकल जर्नल में प्रकाशित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 25 लाख असमय मौतें वायु प्रदूषण की वजह से हुई हैं.

वायु प्रदूषण के मामले में होने वाली मौतें में भारत सबसे आगे है.

रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज़्यादा मौतें कम आय वर्ग वाले देशों में हुई हैं.

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Posted by Narendra Singh Ad on Thursday, 19 October 2017

बीते साल दिवाली के बाद दिल्ली में प्रदूषण इतना ज़्यादा बढ़ गया था कि दिल्ली सरकार को वाहनों के लिए ऑड इविन नीति लागू करनी पड़ी थी.

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की वजह सिर्फ़ दिवाली के पटाखे नहीं हैं. इसकी एक बड़ी वजह आसपास के राज्यों में धान की खेती के बाद खेतों में जलाया जाने वाल पुआल भी है.

हालांकि पुआल के जलाने पर प्रतिबंध ज़रूर है लेकिन इसे पूरी तरह रोका नहीं जा सका है.

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनज़र बदरपुर थर्मल बिजली प्लांट पहले ही बंद कर दिया गया था. साथ ही डीज़ल जेनरेटरों के चलाने पर भी रोक लगा दी गई थी.


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