ख़बरें

ईमानदार खेमका का 50वां तबादला

तर्कसंगत

November 13, 2017

SHARES

हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका का पचासवीं बार तबादला कर दिया गया है.

1991 बैच के आईएएस अशोक खेमका की 24 साल की सेवा का औसत निकाला जाए तो उनका हर छह मीहने में तबादला हुआ है.

आमतौर पर प्रशासनिक पदों पर अधिकारियों को दो से तीन साल तक रहने का समय दिया जाता है.

खेमका हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण विभाग में प्रमुख सचिव के पद पर तैनात थे. अब उन्हें खेल एव युवां मामलों के विभाग में भेजा गया है.ट

अपने तबादले पर ट्वीट करते हुए खेमका ने कहा है कि ये क्रैश लैंडिंग जैसा है और उनकी कार्य योजनाएं पर इसका असर पड़ेगा.

खेमका ने एक साक्षात्कार में कहा है कि भ्रष्ट तत्व उनके तबादले का कारण हैं.

हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया है कि वो किन भ्रष्ट तत्वों की बात कर रहे हैं.

अशोक खेमका साल 2012 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा का ज़मीनी सौदा रद्द करके चर्चा में आए थे.

ताज़ा तैनाती से उनका 80 दिनों की सेवा के बाद ही तबादला कर दिया गया है.

खेमका का कहना है कि उन्होंने अपने विभाग से बांटी जाने वाली राहत राशि में हो रहे फर्ज़ीवाड़े को रोकने की कार्ययोजना बनाई थी.

खेमका के मुताबिक सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण विभाग हर साल क़रीब पच्चीस लाख लोगों में पांच से साढ़े पांच हज़ार करोड़ रुपए के बीच राशि वितरित करता है लेकिन इसमें पांच लाख लाभार्थी या तो मृतक हैं या अपात्र हैं.

दरअसल खेमका आधार और ईकेवाईसी से लाभार्थियों को जोड़ना चाहते थे जिससे सरकार को हर साल एक हज़ार करोड़ का लाभ होता और फर्ज़ी लाभार्थियों पर रोक लग जाती.

अशोक खेमका की छवि एक बेहद ईमानदार अधिकारी की है. खेमका के विभाग में होने से कई बार मंत्री असहज हो जाते हैं.


Contributors

Edited by :

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...