ख़बरें

राजस्थान में बिना कलेक्टर की मंज़ूरी के धर्म परिवर्तन नहीं, दोषियों को 5 साल की हो सकती है सजा

तर्कसंगत

November 15, 2017

SHARES

राजस्थान में अब धर्म परिवर्तन पर राजनीति गरमाने लगी है, क्योंकि राजस्थान में अब बिना कलेक्टर की मंज़ूरी के धर्म परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा. सरकार जल्द से जल्द इस कानून को लागू कराना चाहती है तो कांग्रेस ऐसे मुद्दों को हवा देने पर वसुंधरा सरकार पर हमलावर है.

जनप्रतिनिधि सुरक्षा बिल पर संग्राम अभी ख़त्म नहीं हुआ कि राजस्थान सरकार का नया बिल भी विवाद बढ़ाने लगा है. राजस्थान में धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिए साल 2006 में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित किया गया था. सरकार ने इसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेज दिया था. तत्कालीन राज्यपाल ने इसमें कुछ संशोधन सुझाए थे.

साल 2008 में सरकार ने संशोधित विधेयक पारित किया तो राज्यपाल ने हरी झंडी दे दी. इस साल जून में केन्द्र सरकार ने विधेयक के बारे में सरकार से कुछ जानकारी मांगी है. ये कानून जबरन धर्म बदलवाने पर 5 साल तक की सज़ा की वकालत करता है.

11 साल तक कांग्रेस के विरोध की वजह से ये बिल अटका रहा लेकिन वसुंधरा सरकार राज्य में धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2008 लागू करवाना चाहती है. जिसकी भनक लगते ही राजस्थान में सियासत गरमाने लगी है.

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि राष्ट्रपति को भेजे गए धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक को लेकर मुझे जानकारी नहीं है. उस विधेयक में क्या है. यह जानकारी होने के बाद भी कुछ कहना संभव होगा. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने बताया कि बिल का स्टेटस मुझे पता नहीं हैै. रही बात कांग्रेस के विरोध कि तो वह हमेशा ही सरकार का विरोध करती आई है.

आपको बता दें जोधपुर में 22 साल की लड़की के धर्म परिवर्तन कर विवाह करने के बाद ये मामला एक बार फिर तूल पकड़ने लगा है. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत की कार्यवाही के दौरान ही इस बिल का जिक्र आया. इस मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी.

ऐसा कानून मध्यप्रदेश में भी है.
मध्यप्रदेश में माइनर की अधिकतम आयु 8 साल मानी गई है. यहां बिल में 18 से कम को माइनर माना है. यानी 18 साल तक के बच्चे का धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा सकता. जबरन लालच देकर या धोखे से धर्म परिवर्तन पर एक साल की सजा एवं पांच हजार रुपए यहां एक से तीन साल की सजा व 25 हजार रुपए जुर्माना है.
बच्चों, महिला, एससी-एसटी के व्यक्ति के धर्म परिवर्तन पर दो साल की सजा एवं 10000 का जुर्माना, लेकिर राजस्थान के बिल में दो से पांच साल की सजा व 50 हजार जुर्माना. धर्म परिवर्तन में लिप्त मिलने वाली संस्था का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का प्रावधान है जबकि राजस्थान में ऐसा नहीं है.


Contributors

Edited by :

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...