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क्या आप मंत्री का इस्तीफ़ा करवाने वाली आईएएस अनुपमा को जानते हैं?

तर्कसंगत

November 16, 2017

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साल 2010 में यूपीएएसी परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त करने वाली टीवी अनुपमा की पहचान आज के ईमानदार और कर्मठ आईएएस अधिकारी के रूप में हैं.

केरल के लोग जानते हैं कि किस तरह उन्होंने भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं की रातों की नींद हराम कर रखी है.

टीवी अनुपमा ने राज्य के ताक़तवर ट्रांस्पोर्ट मंत्री थोमस चांडी के ज़मीनों पर क़ब्ज़ों को उजागर किया है जिसके बाद बुधवार को चांडी ने इस्तीफ़ा दे दिया.

अलपुझा की कलेक्टर टीवी अनुपमा की रिपोर्ट में चांडी का नाम आया था. अनुपमा ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि चांडी की कंपनी ने ज़मीनों पर अवैध क़ब्ज़ा किया है.

बिट्स पिलानी की छात्रा रहीं टीपी अनुपमा हमेशा से एक मेहनती छात्रा रही हैं. सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद अनुपमा ने कहा था, “लक्ष्य ऊंचा रखो. आप जो हासिल कर सकते हैं उसकी कोई सीमा नहीं है. अगर मैं कामयाब नहीं होती तो मैं निश्चित तौर पर दोबारा परीक्षा देती.”

अनुपमा केरल की फुड सेफ्टी कमिश्नर भी रही हैं. 2015 में केरल की खाद्य सुरक्षा आयुक्त नियुक्त किए जाने के बाद टीवी अनुपमा सुर्ख़ियों में आ गईं थीं. अनुपमा ने डीलरों पर कई छापे पड़वाए थे और हज़ारों सैंपल जांच के लिए भेजे थे. अपनी जांच में अनुपमा ने पाया था कि भारी मात्रा में मिलावट की जा रही है और कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

जांच में पता चला कि कई खाद्य पदार्थों में कीटनाशकों की मात्रा तय मानकों से तीन सौ प्रतिशत तक ज़्यादा है.

कई डीलरों को गिरफ़्तार भी किया गया था लेकिन सबसे बड़ा विवाद तब हुआ जब पता चला कि बहुत से पदार्थ तमिल नाडु से केरल में लाए जा रहे थे.

इसके बाद अनुपमा ने केरल के लोगों से ऑर्गेनिक खेती करने और घरों में ही सब्ज़ियां और फल उगाने की अपील की थी.

उनके द्वारा शुरू किए गए अभियान के बाद 70 प्रतिशत तक फल और सब्ज़ियां आयात करने वाला केरल अब अपनी अधिकतर खाद्य ज़रूरतें स्वयं पूरा कर रहा है.

अनुपमा को अगस्त 2017 में अलपुझा का कलेक्टर बना दिया गया था. पदभार संभालते हुए उन्होंने मीडिया से कहा था कि वो लोगों की समस्याओं का अध्ययन करेंगी और उन्हें सुलझाने के लिए प्रयास करेंगी.

लेकिन केरल के ट्रांस्पोर्ट मंत्री रहे थोमस चांडी ने कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें एक ईमानदार अधिकारी की वजह से अपना पद छोड़ना पड़ जाएगा.

अपनी रिपोर्ट में अनुपमा ने कहा कि मारथंडम झील के कुछ हिस्सों को समतल कर मंत्री का फार्महाउस बनाया गया है.

कलेक्टर की रिपोर्ट के बाद मंत्री पर विपक्ष ने सवाल उठाए और अंततः उन्हें पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा.


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