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सप्रेकः इंजीनियर ने बेटी की शादी में मिले 5 लाख कर दिए दान

तर्कसंगत

November 29, 2017

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महाराष्ट्र में एक सिविल इंजीनियर ने बेटी की शादी में मिले तोहफ़े और रकम एक संस्था को दान दे दी है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दहानु के दांतेपाड़ा गाव में रहने वाले राजेश आकरे ने अपनी बेटी की शादी में  तोहफ़ों के तौर पर मिली करीब पांच लाख की रकम मैगसेसे अवॉर्ड विजेात डॉ. प्रकाश आम्टे की गैर सरकारी संस्था को दे दी.

आमटे और उनकी पत्नी मंदाकनी गढ़चिरौली ज़िले में ब्रदरहुड ऑफ़ पिपुल प्रोजेक्ट चलाते हैं.

आकरे की बेटी उर्वशी प्रिंस ऑफ़ वेल्स म्यूज़ियम में पुरातत्त्वविद् हैं . उर्वशी की शादी में मिले कैश गिफ़्ट आकरे ने आम्टे की संस्था को दान कर दिए.

आकरे कहते हैं, “मेरी माली हालत अच्छी है और मैं ख़ुशहाल हूं. मैं अपनी बेटी की शादी की ख़ुशियां वंचित तबके के लोगों के साथ बांटना चाहता था. डॉ. प्रकाश आम्टे की संस्था से बेहतर और क्या हो सकता है. मैं साल 2014 में हेमलकासा गया था और मैंने आम्टे का काम देखा था. तब ही मैंने उनके प्रोजेक्ट के लिए कुछ करने का फ़ैसला कर लिया था.”

आकरे के परिवार ने बेटी की शादी में आए मेहमानों को पहले ही बता दिया था कि वो तोहफ़ों में मिलने वाले पैसों को दान कर देंगे.

आकरे कहते हैं, मैं उन 900 मेहमानों का शुक्रगुज़ार हूं जो शादी में शामिल हुए और जिन्होंने मदद के लिए हाथ बढ़ाया.

डॉ. प्रकाश आम्टे का कहना है कि वो इससे बहुत ख़ुश हूं. उन्होंने बताया कि ये पहली बार है जब उनकी संस्था को इस तरह से दान दिया गया है.

कौन हैं प्रकाश आम्टे

प्रकाश आम्टे महाराष्ट्र के हेमलकासा गांव में समाजसेवा करते हैं. वो पेशे से डॉक्टर हैं और उन्हें प्रतिष्ठित रमन मैगसेसे अवॉर्ड मिल चुका है.

डॉ. आम्टे ने साल 1973 में इस गांव में लोक बिरादरी प्रकल्प नाम से प्रोजेक्ट शुरू किया था. वो लोक बिरादरी प्रकल्प दवाखाना चलाते हैं जहां से आदिवासियों को दवाइयां दी जाती हैं. आम्टे लंबे समय से दूरस्थ और पिछड़े इलाक़े के लोगों को चिकित्सीय सेवाएं दे रहे हैं. हर साल करीब चालीस हज़ार लोग इस प्रोजेक्ट से चिकित्सीय सेवाएं लेते हैं.

हम राजेश आकरे के निर्णय की प्रशंसा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि समाज से और भी लोग वंचित तबके की मदद के लिए आए आएंगे. आज के युवा राजेश आकरे जैसे लोगों से प्रेरणा ले सकते हैं.

Source: Hindustan Times


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