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शाबाश दिल्ली पुलिसः गूगल मैप का इस्तेमाल कर बच्ची को पहुंचाया गांव

तर्कसंगत

December 3, 2017

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अगर आपको कोई खोया हुआ बच्चा मिले जिसे अपने घर या गांव के बारे में कोई जानकारी न हो तो आप क्या करेंगे?

दिल्ली पुलिस ने अपने परिवार से बिछड़ी एक सात साल की बच्ची को गूगल मैप की मदद से उसके परिजनों से मिलवा दिया है.

मेरठ के एक गांव से शादी में दिल्ली आई एक सात साल की बच्ची अपने परिजनों से बिछड़ गई.

अपनों से अलग हुई बच्ची परेशान हो गई और रोने लगी. दिल्ली पुलिस के जवान विक्रम की नज़र बच्ची पर पड़ी जो उसे मालवीय नगर थाने ले आए.

लेकिन बच्ची अपने घर का पता नहीं बता पा रही थी. वो सिर्फ़ इतना ही बता पा रही थी कि वो एक गांव से शादी में दिल्ली आई है.

इसके बाद पुलिस ने बच्ची से पूछा कि उसे अपने गांव से आने में कितना समय लगा है.

बच्ची ने पुलिस को बताया कि लगभग चार घंटे लगे होंगे.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची से यात्रा का समय पता चलने के बाद दिल्ली पुलिस ने नक्शे पर उन सभी शहरों और क़स्बों को मार्क किया जहां से दिल्ली
आने में इतना समय लग सकता है.

बच्ची से मिली अन्य जानकारियों से पता चला कि वो पश्चिमी उत्तर प्रदेश या उत्तराखंड से दिल्ली आई होगी. पुलिस बच्ची से मिली जानकारियों से इस नतीजे पर पहुंची की
उसने मेरठ से अपने परिवार के साथ बस ली होगी.

मेरठ का नक़्शा निकालने के बाद पुलिस ने उन सभी गांवों की सूची बनाई जिनके पास झील थी. बच्ची ने पुलिस को बताया था कि उसके गांव के पास झील है.

गांवों की सूची बनने के बाद पुलिस ने सभी गांवों के सरपंचों से संपर्क किया. अंतत पुलिस को पता चल गया कि खोई हुई बच्ची मेरठ से 44 किलोमीटर दूर कोल गांव की रहने
वाली है.

गांव के सरपंच ने बच्ची के लापता होने की पुष्टि की. सभी जानकारियों को मिलाने के बाद पुलिस ने बच्ची को परिजनों को सौंप दिया.


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