मेरी कहानी

मेरी कहानीः मेरे पिता ने मेरी मां को छोड़ दिया है, मैं गुमसुम सा रहता हूं

Poonam

December 4, 2017

SHARES

मैं एक आम सा बच्चा हूं. 11 साल का हो गया हूं लेकिन मेरे क़द से नहीं लगता कि मैं 11 साल का हूं.

मेरी मां एक निजी अस्पताल की कैंटीन में झाड़ू पोंछा करती हैं. मैं ज़्यादातर वक़्त अपनी मां के साथ ही रहता हूं.

मैं गुमसुम सा रहता हूं. कई बार लोग पूछते हैं कि मैं गुमसुम क्यों हूं लेकिन मेरी समझ में नहीं आता कि मैं क्या जवाब दूं.

मैं अपना सर पकड़ लेता हूं. मैं हर रोज़ अपनी मां को झाड़ूपोंछा करते और सुबकते हुए देखता हूं. लेकिन मैं कुछ नहीं कर पाता.

हां, मैं स्कूल जाता हूं लेकिन मुझे बहुत ज़्यादा पढ़ना नहीं आता है. स्कूल में भी मैं ख़ामोश ही रहता हूं.

मेरे बच्चों के साथ खेलने का मन करता है लेकिन मैं खेल नहीं पाता.

कई बार लोग मेरी ओर दया की नज़र से देखते हैं. मदद की पेशकश भी करते हैं. लेकिन मैं असमंजस में रहता हूं.

किसा का दिया खाने का मेरा मन नहीं करता.

मुझे नहीं पता कि मैं बड़े होकर क्या बनना चाहता हूं. लेकिन अपनी मां को इस तरह से देखकर मुझे अच्छा नहीं लगता.

मेरे पिता ने मेरी मां को छोड़ दिया है और अब वो किसी और महिला के साथ रहते हैं.

मेरे एक बड़े भाई और दो बहनों को वो अपने साथ ले गए हैं. अब बस मैं हूं और मेरी मां हैं.

मेरे पिता मेरी मां को ख़र्च के लिए कुछ नहीं देते. एकदूसरे के अलावा हमारा कोई नहीं है.

हां, मेरा बड़ा भाई मेरी मां से कई बार कहता है कि मैं और बड़ा हो जाऊं तो कुछ करूंगा.

मैं तो अपनी मां से ये भी नहीं कह पाता हूं क्योंकि मैं अपनी उम्र से भी ज़्यादा छोटा हूं.
-एक भारतीय बालक


Contributors

Edited by :

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...